लाइव न्यूज़ :

कोरोना केवल इंसान के शरीर को प्रभावित करता है, लेकिन 'सांप्रदायिकता का वायरस' राजनीति को प्रभावित करता है: सिब्बल

By मनाली रस्तोगी | Updated: May 23, 2023 12:40 IST

सिब्बल ने ट्वीट किया, "मणिपुर फिर से सुलग रहा है। पहले की झड़पों में 70 लोग मारे गए थे और 200 लोग घायल हुए थे। कोरोना वायरस केवल इंसान के शरीर को प्रभावित करता है, लेकिन 'सांप्रदायिकता का वायरस' राजनीति को प्रभावित करता है।"

Open in App
ठळक मुद्देकपिल सिब्बल ने पिछले वर्ष मई में कांग्रेस छोड़ दी थी।वह समाजवादी पार्टी (सपा) के सहयोग से राज्यसभा के लिए निर्दलीय सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए थे।सिब्बल ने अन्याय से लड़ाई के लिए गैर चुनावी मंच 'इंसाफ' की स्थापना की है।

नई दिल्ली: मणिपुर में सोमवार को हुई हिंसा की ताजा घटना पर राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस केवल इंसान के शरीर को प्रभावित करता है, लेकिन 'सांप्रदायिकता का वायरस' राजनीति को प्रभावित करता है और इसके राजनीतिक लाभ अस्थाई होते हैं, लेकिन दाग हमेशा बने रहते हैं। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंफाल में एक पूर्व विधायक समेत हथियारबंद चार लोगों ने सोमवार को लोगों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए बाध्य किया था, जिसके बाद राज्य में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी थी। इंफाल पूर्व जिले में भीड़ ने दो मकानों में आग लगा दी थी।

सिब्बल ने ट्वीट किया, "मणिपुर फिर से सुलग रहा है। पहले की झड़पों में 70 लोग मारे गए थे और 200 लोग घायल हुए थे। कोरोना वायरस केवल इंसान के शरीर को प्रभावित करता है, लेकिन 'सांप्रदायिकता का वायरस' राजनीति को प्रभावित करता है।"

उन्होंने कहा, "अगर यह (सांप्रदायिकता का वायरस) फैलता है, तो इसके परिणामों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसके राजनीतिक लाभ अस्थाई होते हैं, लेकिन दाग हमेशा बने रहते हैं।" सिब्बल संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) के पहले और दूसरे शासनकाल में केंद्रीय मंत्री थे। 

उन्होंने पिछले वर्ष मई में कांग्रेस छोड़ दी थी। वह समाजवादी पार्टी (सपा) के सहयोग से राज्यसभा के लिए निर्दलीय सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए थे। सिब्बल ने अन्याय से लड़ाई के लिए गैर चुनावी मंच 'इंसाफ' की स्थापना की है। विपक्ष मणिपुर में हिंसा को लेकर केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर लगातार निशाना साधता रहा है। मणिपुर में आगजनी की ताजा घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 

अभी सेना और असम राइफल्स के कम से कम दस हजार जवान राज्य में तैनात हैं। मालूम हो कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को कई जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया था, जिसके बाद राज्य में हिंसक झड़पें हुई थीं।

टॅग्स :कपिल सिब्बलकोरोना वायरस
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'गवर्नर BJP के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं', कपिल सिब्बल का बड़ा आरोप

भारतक्यों नहीं मतगणना में केंद्रीय कर्मचारी हो सकते?, सीएम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को सुप्रीम झटका?, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की दलीलें बेकार?

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारतआवारा कुत्तों का मामला: बच्चे मर रहे हैं, समस्या का समाधान जरूरी, दिल्ली सरकार ने न्यायालय से कहा...

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज