लाइव न्यूज़ :

जदयू ने जींद में प्रस्तावित अभय चौटाला की रैली में नीतीश के शामिल होने की संभावना से इंकार किया

By भाषा | Updated: September 9, 2021 22:15 IST

Open in App

पटना, नौ सितंबर बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी को इस बात की जानकारी नहीं है कि नीतीश कुमार 25 सितंबर को हरियाणा के जींद में आईएनएलडी नेता अभय चौटाला की प्रस्तावित रैली में शामिल होंगे।

मीडिया में आयी कुछ खबरों में चौटाला के हवाले से कहा गया है कि नीतीश ने 25 सितंबर को जींद में प्रस्तावित रैली में शामिल होने की ‘‘पुष्टि’’ की है। इस संबंध में सवाल करने पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन ने कहा, ‘‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यह किसी तरह से पार्टी का मामला नहीं है। हो सकता है उन्हें (नीतीया) मुख्यमंत्री के रूप में निमंत्रण मिला हो। ऐसे मामलों में वह अपना फैसला खुद लेते हैं। इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।’’

उन्होंने भाजपा के घोर विरोधी देवेगौड़ा, मुलायम सिंह और प्रकाश सिंह बादल जैसी हस्तियों के साथ उक्त रैली में राजग के सहयोगी नीतीश के शामिल होने के राजनीतिक निहितार्थ के बारे में पूछे गए सवालों का भी जवाब देने से इंकार कर दिया।

प्रस्तावित रैली पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल की जयंती के अवसर पर होनी है जिनका नीतीश तत्कालीन जनता दल में अपने वरिष्ठ नेता के रूप में हमेशा सम्मान करते रहे हैं।

दिल्ली की अपनी हालिया यात्रा के दौरान नीतीश ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत चौधरी देवी लाल के पुत्र ओम प्रकाश चौटाला से भी मुलाकात की थी।

जींद में प्रस्तावित रैली में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी और शरद पवार जैसे क्षेत्रीय दिग्गजों को भी निमंत्रण भेजा गया है, और इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले ‘‘तीसरे मोर्चे’’ के गठन के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू जो कि शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल जैसे प्रमुख सहयोगियों के बाहर होने के बाद वर्तमान में भाजपा का सबसे बड़ा सहयोगी दल है। जदयू को हाल में हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में ‘‘सम्मानजनक’’ हिस्सेदारी की उम्मीद थी पर उसे एक ही मंत्री पद मिला।

हालांकि नीतीश ने चैटाला की उक्त रैली में शामिल होने को लेकर अभी तक अपने कार्ड का खुलासा नहीं किया है पर बिहार के राजग नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर वे रैली में शामिल होते हैं तो इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में ‘‘सम्मानजनक’’ हिस्सेदारी नहीं मिलने पर उनकी दबाव की रणनीति के रूप में माना जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

क्रिकेट2015 में 5, 2024 में 4 और 2026 में लगातार 3 जीत से शुरुआत?, आईपीएल सीजन में तीसरी बार आरआर ने किया आगाज?

भारत अधिक खबरें

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र