लाइव न्यूज़ :

श्रीनगर में दो साल बाद जन्माष्टमी का जुलूस निकाला गया

By भाषा | Updated: August 30, 2021 16:59 IST

Open in App

दो साल के अंतराल के बाद कश्मीरी पंडितों ने सोमवार को यहां भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाने के लिए जन्माष्टमी जुलूस निकाला।अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस शहर के हब्बा कदल इलाके के गणपतियार मंदिर से शुरू हुआ और बरबरशाह के क्रालखुद से होते हुए ऐतिहासिक लाल चौक स्थित घंटाघर तक पहुंचा।उन्होंने कहा कि जुलूस अमीरकदल पुल को पार कर जहांगीर चौक से गुजरा और मंदिर लौट आया। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित भक्तों ने रथ के साथ नृत्य किया और लोगों के बीच मिठाई बांटी।श्रद्धालुओं में से एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा कि दो साल बाद उन्हें श्रीनगर में जन्माष्टमी का जुलूस निकालने की अनुमति मिली।कोविड-19 के कारण 2020 में कोई जुलूस नहीं निकाला गया था, जबकि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन के कारण इस आयोजन को रद्द कर दिया गया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

भारतJammu-Kashmir: फाइलों में 'घर वापसी', जमीन पर सन्नाटा: ₹1618 करोड़ स्वाहा, पर घाटी लौटे सिर्फ 3 परिवार

भारतJammu-Kashmir: 23 साल बाद शोपियां पहुंचे कश्मीरी पंडित, 2003 के नरसंहार की प्रार्थना के दौरान गमगीन हुआ माहौल

क्राइम अलर्टJammu Kashmir: 35 साल पहले कश्मीरी पंडित महिला की हत्या का मामला, राज्य के 8 स्थानों पर SIA कर रही रेड

भारतकश्मीर के हिन्दू समुदाय की आस्था को दर्शाता है क्षीर भवानी

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतदीदी का डिजाइन, सुवेंदु का एक्शन; साल्ट लेक स्टेडियम से हटेगी ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई फुटबॉल की मूर्ति

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?