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जम्मू से पकड़ा गया एक और आतंकी, आइजीपी कश्मीर विजय कुमार बोले-सांबा में छिपा था...

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 13, 2021 11:42 IST

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को जैश-ए-मोहम्मद (जैश) का मुखौटा संगठन माने जाने वाले लश्कर-ए-मुस्तफा के बहुवांछित आतंकी और स्वयंभू कमांडर की गिरफ्तारी के साथ यहां एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम करने का दावा किया था।

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ठळक मुद्देआतंकी को गिरफ्तार करने के लिए अनंतनाग पुलिस का विशेष दल सांबा आया था।द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के शीर्ष आतंकी कमांडर को जम्मू संभाग के जिला सांबा से गिरफ्तार किया गया है। 12-13 फरवरी की मध्य रात्रि को पुलिस के इस विशेष दल ने जिला सांबा में जिस जगह यह आतंकी छिपा हुआ था।

जम्मूः पिछले हफ्ते लश्करे मुस्तफा आतंकी संगठन के प्रमुख हिदायतुल्ला मलिक को जम्मू से गिरफ्तार किया गया था।

प्रदेश पुलिस अभी उस मामले को सुलझाने में लगी ही थी कि अब एक और आतंकी नेता की जम्मू से गिरफ्तारी के बाद वह उन खबरों की पुष्टि करने लगी है जिसमें कहा जा रहा था कि आतंकियों का अगला निशाना जम्मू संभाग है जिसके लिए वे जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों में ठिकाने बना रहे हैं।

दरअसल कुलगाम में तीन भाजपा नेताओं व पुलिस कर्मी की हत्या में शामिल द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के शीर्ष आतंकी कमांडर को जम्मू संभाग के जिला सांबा से गिरफ्तार किया गया है। आतंकी को गिरफ्तार करने के लिए अनंतनाग पुलिस का विशेष दल सांबा आया था।

12-13 फरवरी की मध्य रात्रि को पुलिस के इस विशेष दल ने जिला सांबा में जिस जगह यह आतंकी छिपा हुआ था, छापा मारा और इसे गिरफ्तार कर लिया। आतंकी को कश्मीर ले जाया गया है। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने स्वयं इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि गिरफ्तार आतंकी की पहचान जहूर अहमद राथर उर्फ साहिल उर्फ खालिद के तौर पर हुई है।

आइजीपी ने कहा कि हत्या के बाद से ही पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। गत दिनों विश्वसनीय सूत्रों से अनंतनाग पुलिस को यह जानकारी मिली की जहूर जिला सांबा में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही अनंतनाग पुलिस का विशेष दल उसकी दरपकड़ के लिए जम्मू के लिए रवाना हो गया।

शुक्रवार व शनिवार की मध्य रात्रि को पुलिस ने बताए गए ठिकाने पर अचानक से छापा मारा और जहूर को जिंदा पकड़ लिया। जहूर ने गत वर्ष 29 अक्तूबर को कुलगाम के वाइके पोरा तीन भाजपा कार्यकर्ताओं फिदा हुसैन याटू, उमेर रशीद बेग और उमर रमजान हाजम की हत्या कर दी थी।

इसके अलावा जहूर ने उसी साल फूरा में एक पुलिस कर्मी की भी हत्या की थी। इन हत्याओं के बाद से ही जहूर गायब था। आइजीपी विजय कुमार ने बताया कि द रजिस्टेंस फ्रंट लश्कर-ए-तैयबा का ही एक अन्य संगठन है।

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