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कारगिल विजय दिवसः नए रूप रोगन में तैयार द्रास युद्ध स्मारक, 26 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे दौरा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 24, 2019 07:02 IST

भारतीय सेना ने 1999 के कारगिल युद्ध के शहीदों की याद में इस स्मारक का निर्माण किया था, जो कि द्रास से लगभग छह किमी दूर टाइगर हिल के पास स्थित है। यह भारत में सबसे ठंडा स्थान और दुनिया में साइबेरिया के बाद दूसरा सबसे ठंडा स्थान है।

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ठळक मुद्देसेना ने मई 1999 में "ऑपरेशन विजय" शुरू किया और एक भयंकर युद्ध में घुसपैठियों को बाहर निकालने के बाद क्षेत्र को फिर से अपने नियंत्रण में लिया।वह लड़ाई पहाड़ी इलाकों में युद्ध के सैन्य इतिहास में सबसे कठिन थी।

जम्मू कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र स्थित द्रास युद्ध स्मारक को जुलाई के आखिरी सप्ताह में 'कारगिल विजय दिवस' की 20 वीं वर्षगांठ के जश्न से पहले एक नया रूप दिया गया है। 26 जुलाई को द्रास युद्ध स्मारक में कारगिल विजय दिवस मनाया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कारगिल युद्ध में जान गंवाने वाले जवानों को स्मारक और श्रद्धांजलि देंगे।

भारतीय सेना ने 1999 के कारगिल युद्ध के शहीदों की याद में इस स्मारक का निर्माण किया था, जो कि द्रास से लगभग छह किमी दूर टाइगर हिल के पास स्थित है। यह भारत में सबसे ठंडा स्थान और दुनिया में साइबेरिया के बाद दूसरा सबसे ठंडा स्थान है।

भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध मई-जून 1999 में शुरू हुआ था, जब यह पता चला था कि पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पार करके भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करके तोलोलिंग हाइट्स, टाइगर हिल और प्वाइंट 4875 (बत्रा टॉप) सहित विभिन्न सामरिक चोटियों पर कब्जा कर लिया है। उन चोटियों से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और उस पर यातायात को लक्षित किया जा सकता था।

भारतीय सेना ने मई 1999 में "ऑपरेशन विजय" शुरू किया और एक भयंकर युद्ध में घुसपैठियों को बाहर निकालने के बाद क्षेत्र को फिर से अपने नियंत्रण में लिया। वह लड़ाई पहाड़ी इलाकों में युद्ध के सैन्य इतिहास में सबसे कठिन थी।

एक अधिकारी ने बताया कि इस लड़ाई में जीत का जश्न 'कारगिल विजय दिवस' के रूप में 26 जुलाई को मनाया जाता है, लेकिन इसकी 20वीं वर्षगांठ का जश्न 25 जुलाई से 27 जुलाई तक तीन दिन मनाया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि 1999 की जीत के बाद 2000 में कुछ समय के लिए एक अस्थायी स्मारक का निर्माण किया गया था, लेकिन नवम्बर 2014 में भारतीय सेना द्वारा इसे इसके वर्तमान स्वरूप में बनाया गया। इसे 20वीं वर्षगांठ समारोह से पहले एक नया रूप दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘स्मारक को नया रूप देने के लिए काम पूरे जोरों पर हुआ है।’’ अधिकारियों ने कहा कि चल रहे कामों में स्मारक के विभिन्न क्षेत्रों में सिविल कार्य, मरम्मत, सफाई, पेंटिंग, लैंडस्केपिंग और बागवानी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘काम एक पखवाड़े में पूरा हुआ।’’

रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ 25 से 27 जुलाई तक दिल्ली और द्रास में मनाई जाएगी। इस अवसर पर जुलाई के पहले सप्ताह से देशभर में कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। 

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