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इसरो ने बदली योजना, लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान फिर से एक्टिव करने का प्रयास अब 23 सितंबर को किया जाएगा

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: September 22, 2023 17:24 IST

चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के चांद की सतह पर उतरने के 14 दिन बाद रात (चंद्र रात) हो गई थी जिसके कारण दोनों को स्लीप मोड में भेज दिया गया था। इन्हें फिर से एक्टिव करने का प्रयास 23 सितंबर को किया जाएगा।

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ठळक मुद्देभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बदली योजनालैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को फिर से एक्टिव करने का प्रयास 23 सितंबर को किया जाएगादोनों को स्लीप मोड में भेज दिया गया था

Chandrayaan-3 update: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को फिर से एक्टिव करने को लेकर अपनी योजना में बदलाव किया है। इसरो अब शनिवार, 23 सितंबर को  विक्रम और प्रज्ञान स्लीप मोड से निकाल कर पुनर्जीवित करने की कोशिश करेगा। 

अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश देसाई ने कहा कि पहले हमने 22 सितंबर की शाम को (प्रज्ञान) रोवर और (विक्रम) लैंडर को फिर से सक्रिय करने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ कारणों से अब हम इसे कल 23 सितंबर को करेंगे।

चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के चांद की सतह पर उतरने के 14 दिन बाद रात (चंद्र रात) हो गई थी जिसके कारण दोनों को स्लीप मोड में भेज दिया गया था। अब  चन्द्रमा पर 14 दिन की रात समाप्त हो गई है। अगर भारतीय वैज्ञानिक  लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को पुनर्जीवित करने में सफल हो जाते हैं तो भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा।

मिशन के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर, जो 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उस स्थान पर सफलतापूर्वक उतरे थे, जिसे अब 'शिव शक्ति प्वाइंट' के नाम से जाना जाता है। चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक प्रयोग करने के बाद इस महीने की शुरुआत में रोवर और लैंडर को स्लीप मोड में डाल दिया गया था।  रोवर को 2 सितंबर को स्लीप मोड में डाल दिया गया था, उसके बाद 4 सितंबर को लैंडर को स्लीप मोड में डाल दिया गया था। अब पूरा देश ये उम्मीद लगाए बैठा है कि विक्रम और प्रज्ञान एक बार फिर अपना काम करना शुरू करेंगे।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रमा पर सुबह होने के साथ ही अब अपने चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ के सौर ऊर्जा से संचालित लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ के साथ संपर्क स्थापित कर इन्हें फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है ताकि वे वैज्ञानिक प्रयासों को जारी रख सकें।

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