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पेरिस ओलंपिक में भारत : निशानेबाज मनु भाकर एक और पदक की ओर, हॉकी में यादगार जीत, तीरंदाज पदक से चूके

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 2, 2024 21:22 IST

मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक खेलों में भारत के लिए अभूतपूर्व तीसरे पदक की ओर कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को यहां निशानेबाजी की 25 मीटर महिला पिस्टल स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया लेकिन ईशा सिंह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

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ठळक मुद्देनिशानेबाज मनु भाकर एक और पदक की ओरनौकायन में 23वें स्थान पर रहे बलराज जूडो में भारत की चुनौती खत्म

Olympic Games Paris 2024:  पेरिस ओलंपिक में भारत के लिये ‘मिरेकल गर्ल’ साबित हो रही निशानेबाज मनु भाकर ने पदकों की हैट्रिक की ओर कदम बढाते हुए 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में प्रवेश कर लिया जबकि भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में 52 साल बाद आस्ट्रेलिया को हराया हालांकि तीरंदाज मिश्रित युगल वर्ग में पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहे।

पेरिस ओलंपिक में बृहस्पतिवार को पी वी सिंधू , सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी , निकहत जरीन जैसी मजबूत पदक उम्मीदों के हारकर बाहर होने की निराशा को दूर करते हुए आठवें दिन खिलाड़ियों ने उम्दा प्रदर्शन किया । अब तक दो कांस्य जीत चुकी मनु ने इसकी शुरूआत की और क्वालीफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहकर एक और फाइनल में पहुंची। वहीं पिछले मैच में बेल्जियम से मिली हार को भुलाकर भारतीय हॉकी टीम ने आस्ट्रेलिया को 3 . 2 से हराया जो म्युनिख ओलंपिक 1972 के बाद उसकी इस दिग्गज पर पहली जीत है। तीरंदाजी में निराशा हाथ लगी जब धीरज बोम्मादेवरा और अंकिता भकत की जोड़ी मिश्रित युगल कांस्य पदक के मुकाबले में अमेरिका से हार गई । 

निशानेबाजी रेंज पर मनु का जलवा बरकरार , तीसरे पदक की ओर 

मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक खेलों में भारत के लिए अभूतपूर्व तीसरे पदक की ओर कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को यहां निशानेबाजी की 25 मीटर महिला पिस्टल स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया लेकिन ईशा सिंह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। अनंतजीत सिंह नरूका पुरुष स्कीट क्वालीफिकेशन के पहले दिन खराब शुरुआत के बाद 30 निशानेबाजों के बीच 26वें स्थान पर हैं। मनु ने पेरिस खेलों में व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीतने के बाद सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम वर्ग में भी कांस्य पदक जीता। वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। मनु ने प्रिसिजन में 294 और रेपिड में 296 अंक के साथ कुल 590 अंक जुटाकर क्वालीफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। मनु ने प्रिसिजन दौर में 10-10 निशानों की तीन सीरीज में क्रमश: 97, 98 और 99 अंक जुटाए। रेपिड दौर में उन्होंने तीन सीरीज में 100, 98 और 98 अंक हासिल किए। ईशा प्रिसिजन में 291 और रेपिड में 290 अंक के साथ कुल 581 अंक जुटाकर 18वें स्थान पर रहीं और आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। उन्होंने प्रिसिजन की पहली दो सीरीज में 95 और 96 अंक जुटाने के बाद 100 अंक के साथ जोरदार वापसी की लेकिन रेपिड दौर में 97, 96 और 97 अंक ही जुटा सकीं। इस स्पर्धा का फाइनल शनिवार तीन अगस्त को खेला जाएगा। 

दूसरी तरफ पुरुष स्कीट क्वालीफिकेशन के पहले दिन 25-25 निशानों की तीन सीरीज में अनंतजीत 23, 22 और 23 अंक के साथ कुल 68 अंक ही जुटा सके।क्वालीफिकेशन दौर की दो सीरीज अब शनिवार को होंगी जिसके बाद शीर्ष छह निशानेबाज फाइनल में जगह बनाएंगे। अनंतजीत की शीर्ष छह में जगह बनाकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की संभावना बेहद कम है।  

हॉकी में 52 साल बाद ओलंपिक में आस्ट्रेलिया को दी मात 

कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल और पी आर श्रीजेश की अद्भुत गोलकीपिंग के दम पर भारत ने 52 साल बाद ओलंपिक में आस्ट्रेलिया को हराते हुए आखिरी ग्रुप मैच में इस दिग्गज प्रतिद्वंद्वी पर 3 . 2 से जीत दर्ज की । भारत ने आखिरी बार पुरूष हॉकी में ओलंपिक में आस्ट्रेलिया को 1972 म्युनिख खेलों में हराया था । वहीं सिडनी ओलंपिक 2000 में आस्ट्रेलिया से 2 . 2 से ग्रुप मैच ड्रॉ रहा था । आस्ट्रेलिया ने तोक्यो ओलंपिक 2021 में ग्रुप मैच में भारत पर 7 . 1 से जीत दर्ज की थी । तोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत के लिये जहां श्रीजेश ने सही मायने में ‘दीवार’ की तरह काम करते हुए असंख्य गोल बचाये तो हर मैच में गोल करते आये हरमनप्रीत ने उस सिलसिले को बरकरार रखा । वहीं पहली बार ओलंपिक खेल रहे डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह और फॉरवर्ड अभिषेक ने विरोधी के रसूख से विचलित हुए बिना बेखौफ हॉकी खेली । भारत के लिये अभिषेक ने 12वें, हरमनप्रीत ने 13वें और 32वें मिनट में गोल किये । आस्ट्रेलिया के लिये क्रेग थॉमस ने 25वें और ब्लैक गोवर्स ने 55वें मिनट में गोल दागा । इस जीत से भारतीय हॉकीप्रेमियों के उन जख्मों पर मरहम जरूर लगा होगा जो दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 के फाइनल में 8 . 0 और बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल फाइनल में 7 . 0 से मिली हार के बाद मिले थे । इस मैच से पहले ओलंपिक में भारत ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 11 मैचों में से सिर्फ तीन (1960 रोम क्वार्टर फाइनल, 1964 तोक्यो सेमीफाइनल और 1972 म्युनिख ग्रुप मैच) मैच जीते थे जबकि आस्ट्रेलिया ने छह जीते और दो ड्रॉ खेले थे । भारतीय टीम पूल चरण में तीन जीत , एक ड्रॉ और एक हार के साथ बेल्जियम के बाद दूसरे स्थान पर रही और क्वार्टर फाइनल में उसका सामना पूल ए की तीसरे नंबर की टीम से होगा । 

तीरंदाजी में कांसे से चूके 

भारत के धीरज बोम्मादेवरा और अंकिता भकत मिश्रित युगल तीरंदाजी में शुक्रवार को पदक से चूक गए जिन्हें कांस्य के पदक मुकाबले में अमेरिका की कैसी कॉफहोल्ड और ब्रैडी एलिसन की जोड़ी ने 6 . 2 से हराया । धीरज और अंकिता की पांचवीं वरीय जोड़ी सेमीफाइनल में पहला सेट जीतने के बावजूद किम वूजिन और लिम सिहियोन की दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीय जोड़ी से 2-6 से हारने से कांस्य पदक के मुकाबले में पहुंची थी। अमेरिकी जोड़ी के खिलाफ उनकी शुरूआत अच्छी नहीं रही जिसमें उन्होंने पहले दो सेट गंवा दिये। भारतीय तीरंदाजों ने तीसरा सेट जीतकर वापसी की उम्मीद जगाई लेकिन कैसी और ब्रैडी की जोड़ी ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया और 38-37, 37-35, 34-38, 37-35 से कांस्य पदक जीत लिया। इससे पहले धीरज और अंकिता को दक्षिण कोरियाई जोड़ी से 38-36, 35-38, 36-38, 38-39 से हार झेलनी पड़ी। धीरज और अंकिता ने क्वार्टर फाइनल में पाब्लो गोंजालेस और ईलिया केनालेस की स्पेन की 13वीं वरीय जोड़ी को 5-3 से हराया था। भारतीय जोड़ी ने 38-37, 38-38, 36-37, 37-36 से जीत दर्ज की। 

जूडो में भारत की चुनौती खत्म

भारतीय जूडो खिलाड़ी तूलिका मान महिलाओं की 78 किग्रा से अधिक स्पर्धा के पहले दौर में शुक्रवार को यहां लंदन ओलंपिक की चैंपियन क्यूबा की इडेलिस ओर्टिज के खिलाफ शिकस्त के साथ बाहर हो गईं। राष्ट्रमंडल खेल 2022 की रजत पदक विजेता दिल्ली की 22 साल की तूलिका को क्यूबा की खिलाड़ी के खिलाफ इप्पोन से 0-10 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। क्यूबा की खिलाड़ी के नाम चार ओलंपिक पदक हैं जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। ओर्टिज के खिलाफ तूलिका सिर्फ 28 सेकेंड की मुकाबले में टिक सकीं। तूलिका की हार के साथ जूडो में भारत का अभियान खत्म हो गया क्योंकि वह पेरिस खेलों में इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र खिलाड़ी थीं। 

नौकायन में 23वें स्थान पर रहे बलराज 

भारतीय नौकायन खिलाड़ी बलराज पंवार ने शुक्रवार को यहां फाइनल डी में पांचवें स्थान पर रहते हुए पेरिस ओलंपिक खेलों की पुरुष एकल स्कल्स स्पर्धा में अपने अभियान का अंत 23वें स्थान के साथ किया। हरियाणा के 25 साल के बलराज ने फाइनल डी में सात मिनट 2.37 सेकेंड का समय लिया जो मौजूदा खेलों में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह हालांकि पदक दौर नहीं था। पेरिस ओलंपिक की नौकायन स्पर्धा में भारत के एकमात्र प्रतिभागी बलराज क्वार्टर हीट रेस में पांचवें स्थान पर रहे थे। रविवार को रेपेचेज दौर की रेस में दूसरे स्थान पर रहते हुए बलराज ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। शनिवार को पहले दौर ही हीट में चौथे स्थान पर रहते हुए वह रेपेचेज में पहुंचे थे। 

(इनपुट- भाषा)

टॅग्स :पेरिस ओलंपिक 2024मनु भाकर
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