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भारत में 40% लोग शौचालय का इस्तेमाल करने बाद हाथ नहीं धोते, ऐसे लोगों में कोरोना वायरस का खतरा ज्यादा: अध्ययन

By भाषा | Updated: March 25, 2020 05:48 IST

बर्मिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि शौचालय का उपयोग करने के बाद चीन (77 प्रतिशत), जापान (70 प्रतिशत), दक्षिण कोरिया (61 प्रतिशत) और नीदरलैंड (50 प्रतिशत) में बड़ी संख्या में लोगों को हाथ धोने की आदत नहीं है।

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ठळक मुद्देब्रिटेन में एक नये अध्ययन के अनुसार जिन देशों में लोगों को हाथ धोने की आदत नहीं होती है, वे स्वतः ही कोरोना वायरस के संपर्क में आ जाते हैं।बर्मिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि शौचालय का उपयोग करने के बाद चीन (77 प्रतिशत), जापान (70 प्रतिशत), दक्षिण कोरिया (61 प्रतिशत) और नीदरलैंड (50 प्रतिशत) में बड़ी संख्या में लोगों को हाथ धोने की आदत नहीं है।

ब्रिटेन में एक नये अध्ययन के अनुसार जिन देशों में लोगों को हाथ धोने की आदत नहीं होती है, वे स्वतः ही कोरोना वायरस के संपर्क में आ जाते हैं। बर्मिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि शौचालय का उपयोग करने के बाद चीन (77 प्रतिशत), जापान (70 प्रतिशत), दक्षिण कोरिया (61 प्रतिशत) और नीदरलैंड (50 प्रतिशत) में बड़ी संख्या में लोगों को हाथ धोने की आदत नहीं है।

इस सूची में भारत 40 प्रतिशत के साथ 10वें स्थान पर है। इस सूची में पहले 10 स्थानों पर थाईलैंड (48 प्रतिशत), केन्या (48 प्रतिशत), इटली (43 प्रतिशत), मलेशिया (43 प्रतिशत) और हांगकांग (40 प्रतिशत) शामिल हैं। ब्रिटेन और अमेरिका में यह प्रवृत्तियां क्रमश: 25 प्रतिशत और 23 प्रतिशत है। हाथ धोने की सबसे अच्छी संस्कृति सऊदी अरब में देखी जाती है, जहां केवल तीन प्रतिशत लोग आदतन अपने हाथ नहीं धोते हैं।

बर्मिंघम बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर गना पोगरेबना ने कहा, ‘‘जिन देशों में लोगों को हाथ धोने की आदत नहीं है, उन लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का अधिक खतरा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस बीमारी का इलाज या टीका नहीं होने के कारण मौजूदा महामारी मानवता को इस संक्रमण का संभावित खतरा कम करने के उपायों को खोजने के लिए बाध्य करती है।’’ पोगरेबना ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस से बचने के लिए कम से कम 20 सेकंड तक बार-बार साबुन से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है।

कुछ समय के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता व्यवहार को जल्दी से बदलना संभव है, लेकिन किसी विशेष देश में या दुनियाभर में हाथ धोने की संस्कृति को बदलना बहुत अधिक कठिन काम है।’’ इस बीच दुनियाभर में कोरोना वायरस से 16,961 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस का मामला सबसे पहले चीन में सामने आया था और इसके बाद इसका प्रकोप 175 देशों में फैल गया और विश्व में इसके 386,350 मामले सामने आ चुके हैं। 

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