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JNU हिंसा मामले में कन्हैया कुमार ने कहा-"किस चीज से डरते हैं वे, तमाम धन-दौलत, गोला-बारूद, पुलिस फौज के बावजूद"

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 7, 2020 13:09 IST

कन्हैया ने कहा कि मौन हमेशा उत्पीड़न करने वाले लोगों की मदद करता है। इसलिए बहुत देर होने से पहले बोलना शुरू करें। प्रतिरोध नहीं करने पर वे आपका अधिकार छीन लेते हैं। भारत के छात्र भारत की विचारधारा की रक्षा के लिए इस ऐतिहासिक लड़ाई को लड़ रहे हैं, उन्हें आपके मदद की जरूरत है।

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ठळक मुद्देकन्हैया कुमार ने यूनिवर्सिटी में हिंसा फैलाने वाले लोगों और उनकी सोच पर हमला किया है।जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर ने आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा करने के लिए सरकारी पैनल को छोड़ दिया है।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) हिंसा के मामले में सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि तमाम धन-दौलत, गोला-बारूद, पुलिस फौज के बावजूद वे किस चीज से डरते हैं। दरअसल, गोरखपांडे की एक कविता को श्यर कर कन्हैया कुमार ने यूनिवर्सिटी में हिंसा फैलाने वाले लोगों और उनकी सोच पर हमला किया है।

इसके अलावा, एक दूसरे ट्वीट में कन्हैया ने कहा कि मौन हमेशा उत्पीड़न करने वाले लोगों की मदद करता है। इसलिए बहुत देर होने से पहले बोलना शुरू करें। प्रतिरोध नहीं करने पर वे आपका अधिकार छीन लेते हैं। भारत के छात्र भारत की विचारधारा की रक्षा के लिए इस ऐतिहासिक लड़ाई को लड़ रहे हैं, उन्हें आपके मदद की जरूरत है।

बता दें कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग के प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर ने आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा करने के लिए सरकारी पैनल को छोड़ दिया है। उन्होंने अपने फैसले के बारे में कहा, "मुझे यह बताते हुए खेद है कि जेएनयू जहां मैं रहता हूं। पिछले दिनों वहां जो स्थिति बनी है उसके कारण, मैं कल की बैठक में शामिल नहीं हो पाऊंगा।"

उन्होंने इसके आगे कहा, मुझे लगता है कि, मौजूदा परिस्थितियों में, इस समिति में हिस्सा लेना मेरे लिए संभव नहीं है।

सांख्यिकीय प्रणाली को लेकर सरकार की तरफ से बनाए गए पैनल में जेएनयू में सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग के प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर को भी शामिल किया गया था। अपने त्याग पत्र में चंद्रशेखर ने कहा, "मैं सांख्यिकीय प्रणाली के भीतर बड़ी संख्या में मेरे साथ काम कर रहे सहकर्मियों के निरंतर प्रयासों की सराहना करना चाहता हूं, जिनके साथ मैंने पिछले कुछ समय में देश के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय सांख्यिकीय आधार बनाने के लिए काम किया है।"

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)कन्हैया कुमारदिल्ली
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