पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की सुरक्षा घटा दी गई है। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके साथ ही जेडीयू के विधायक और नीतीश कुमार के करीबी श्रवण कुमार को भी सुरक्षा दी गई है। निशांत कुमार को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली है। जबकि विजय सिन्हा की सुरक्षा को जेड प्लस श्रेणी से घटाकर जेड श्रेणी कर दिया गया है। उनके अलावा श्रवण कुमार को वाय प्लस विद एस्कॉर्ट स्तर की सुरक्षा मिली। दरअसल यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया।
इसके बाद गृह विभाग (विशेष शाखा) द्वारा राज्य के विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। निशांत कुमार को पहली बार इस स्तर की सुरक्षा मिली है। सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खतरे के स्तर को देखते हुए लिया गया है। इस तरह के बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था सही बनी रहे।
गृह विभाग के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य के दोनों नए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। जेड श्रेणी मिलने के बाद अब उनके साथ ज्यादा सुरक्षाकर्मी रहेंगे। उनके घर, यात्रा और कार्यक्रमों में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने पुलिस और संबंधित विभागों को इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। जेड श्रेणी की सुरक्षा भारत में हाई लेवल की मानी जाती है।
इसमें करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें एनएसजी कमांडो के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होते हैं। 24 घंटे सुरक्षा रहती है, साथ में एस्कॉर्ट गाड़ियां और आधुनिक हथियार भी मौजूद रहते हैं। बता दें कि हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले निशांत कुमार को लेकर नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन उन्होंने कोई पद स्वीकार नहीं किया।
अब वे जल्द ही बिहार दौरे पर निकलने की तैयारी में हैं। हाल के दिनों में पार्टी गतिविधियों में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वे संगठन को मजबूत करने और गठबंधन को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि बिहार में विशिष्ट व्यक्तियों को उनकी सुरक्षा आवश्यकता के आधार पर जेड प्लस, जेड, वाई प्लस, वाई और एक्स श्रेणियों में सुरक्षा प्रदान की जाती है।
इनमें जेड प्लस को सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा माना जाता है, जिसमें उच्च स्तरीय कमांडो सुरक्षा शामिल होती है, जबकि अन्य श्रेणियों में सुरक्षा कर्मियों की संख्या और सुरक्षा घेरा अलग-अलग होता है।