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Sake Dean Mahomed Google Doodle: हर्बल बाथ के जनक शेक दीन मोहम्मद को गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि

By मेघना वर्मा | Updated: January 15, 2019 09:23 IST

शेक दीन मोहम्मद गूगल डूडल (शेख दीन मोहम्मद बर्थडे | celebrating Sake Dean Mahomed | Sake Dean Mahomed Birthday Google Doodle): 1810 में शेक दीन ने 34 जॉर्ज स्ट्रीच लंदन में हिंदोस्तान कॉफी हाउस की स्थापना की जो एशियाई द्वारा संचालित ब्रिटेन का पहला भारतीय रेस्तरां था।

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सांस्कृतिक संबध के लिए याद किए जाने वाले एंग्लो-इंडियन शेक दीन मोहम्मद को गूगल ने डूडल बनाकर याद किया है। शेक दीन मोहम्मद सर्जन और उद्यमी थे जिन्होंने पश्चिम दुनिया के सबसे उल्लेखनीय गैर-यूरोपीय प्रवासियों में से एक रहे। शेक दीन पहले ऐसे भारतीय लेखक थे जिन्होंने अंग्रेजी में एक पुस्तक प्रकाशित की।  आज ही के दिन 1794 में शेक दीन ने उन्होंने अपनी अंग्रेजी किताब को पब्लिश किया था। उसी की याद में आज गूगल ने डूडल बनाया है। 

पटना में हुआ था जन्म 

आपको बता दें वो शेक दीन मोहम्मद ही ते जिन्होंने यूरोप में भारतीय व्यंजनों और शैम्पू की शुरुआत भी की थी। वे भारत और इंग्लैंड के बीच सांस्कृतिक संबध बनाने के लिए जाना जाता है। पटना में 1759 में जन्में शेक मोहम्मद 10 साल की उम्र में ही ईस्ट इंडिया कंपनी के सैनिक बन गए थे। अपनी पिता की मौत के बाद वे ईस्ट इंडिया कंपनी के बंगाल रेजिमेंट में एक सैनिक रह चुके थे। अपने रिटायरमेंट से पहले वह कंपनी की सेवा में हमेशा तत्पर रहे। 

भारत की यात्रा पर लिखा नेरेटिव

1794 में शेक दीन मोहम्मद ने पहली बार अपनी ऑटोबायोग्राफी नरेटिव को पब्लिश किया। द ट्रेवेल नाम से पब्लिश इस नरेटिव में उनकी भारत यात्रा को दिखाया गया है। इस बुक में ना सिर्फ भारत के बारे में बताया गया है बल्कि इंडियन सीटिज और इंपॉर्टेंट मिलेट्री कैंपेन के बारे में बताया गया है।  

...की हिंदोस्तान कॉफी हाउस की स्थापना

1810 में शेक दीन ने 34 जॉर्ज स्ट्रीच लंदन में हिंदोस्तान कॉफी हाउस की स्थापना की जो एशियाई द्वारा संचालित ब्रिटेन का पहला भारतीय रेस्तरां था। शुरुआत अच्छी रही मगर दो साल बाद ये व्यापार असफल हो गया। बताया जाता है कि 1812 में उन्हें अपने शानदार रेस्तरां को बंद करने के लिए मजबूर किया गया। 

हर्बल स्टीम बाथ की हुई शुरुआत

मोहम्मद अपने परिवार समेत ब्राइटन शहर में बस गए। यहां समुद्र तट पर उन्होंने मोहम्मद बाथ नाम से एक स्पा खोला। जिसमें हर्बल स्टीम बाथ की शुरुआत की। इस बाथ में भारतीय चिकित्सीय मालिश दी जाने लगी। जो इसकी यूएसपी भी बन गई। लोगों ने इसे शैम्पू का नाम दे दिया जो हिन्दी शब्द चंपी यानी सिर की मालिश से प्रेरित था। 

गूगल ने इसी महान शख्सियत की याद में आज अपना खूबसूरत गूगल डूडल दिया है। मोहम्मद की मृत्यु 1851 में 32 ग्रैंड परेड, ब्राइटन में हुई। उन्हें सेंट निकोलस चर्च, ब्राइटन के ही एक कब्रिस्तान में दफन किया गया। 

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