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काम की खबरः रेल यात्री को खुशखबरी, सितंबर से सस्ता होगा एसी का सफर, यहां जानें कितनी दूरी के लगेंगे कितने पैसे

By सतीश कुमार सिंह | Updated: August 28, 2021 20:22 IST

IRCTC Update: नये कोचों का किराया मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में वर्तमान स्लीपर श्रेणी के मूल किराये का 2.4 गुना अधिक है।

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ठळक मुद्देरेलवे के विभिन्न जोन में इस तरह के 50 कोच दिए गए हैं।कोच को वर्तमान मेल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों से जोड़ दिया जाएगा। रेलगाड़ियां अधिकतम कोच के साथ चल रही हैं।

IRCTC Update: रेलवे ने शनिवार को बताया कि इसके नए वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी श्रेणी के कोच का किराया वर्तमान थ्री एसी कोच की तुलना में आठ फीसदी कम होगा और यह कम कीमत पर बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

 

अधिकारियों ने बताया कि नये कोचों का किराया मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में वर्तमान स्लीपर श्रेणी के मूल किराये का 2.4 गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि रेलवे के विभिन्न जोन में इस तरह के 50 कोच दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब चूंकि किराया तय कर दिया गया है, इन कोच को वर्तमान मेल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों से जोड़ दिया जाएगा। जो रेलगाड़ियां अधिकतम कोच के साथ चल रही हैं वहां इन्हें स्लीपर कोच के स्थान पर लगाया जाएगा।’’

उन्होंने बताया कि 300 किलोमीटर तक मूल किराया 440 रुपये है जो दूरी के मुताबिक सबसे कम है जबकि सबसे अधिक मूल किराया 4951 किलोमीटर से 5000 किलोमीटर तक के लिए 3065 रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे जोन को हाल में ये कोच दिए गए हैं जिनका इस्तेमाल रेलगाड़ी संख्या 02403 (प्रयागराज-जयपुर एक्सप्रेस) में छह सितंबर से किया जाएगा और इसके लिए बुकिंग शनिवार से शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा कि इस कोच में 83 बर्थ हैं और नियमित थ्री एसी कोच की तुलना में इनका किराया कम है। उन्होंने बताया कि इन नये थ्री एसी इकोनॉमी कोच में बच्चों के लिए सामान्य किराया होगा जो वर्तमान थ्री एसी कोच में लगता है।

अधिकारियों के मुताबिक, सांसदों को जारी पास और विधायक/विधान पार्षदों को जारी रेल यात्रा कूपन पर टिकटों की बुकिंग वर्तमान थ्री एसी कोच के प्रावधानों के मुताबिक होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए टिकट रद्द करने और पैसे की वापसी के नियम वर्तमान थ्री एसी कोच के मुताबिक ही होंगे।

नए कोचों की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:

एसी 3 टियर में 72 बर्थों की तुलना में 83 बर्थ

बढ़ी हुई आराम के साथ फायर-प्रूफ बर्थ

लैपटॉप / मोबाइल चार्ज करने के लिए निजीकृत सॉकेट

बर्थ में फ्लाइट की तरह पर्सनल एसी वेंट

कोच में दिव्यांगों के अनुकूल शौचालय

टच-फ्री फिटिंग वाले बायो-टॉयलेट की सुविधा

कोच में पर्सनलाइज्ड ​रीडिंग लाइट

मिडिल और अपर बर्थ पर चढ़ने के लिए सीढ़ी ज्यादा सुविधाजनक

प्रत्येक कोच में टच-फ्री फिटिंग के साथ मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीभारतीय रेल
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