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क्या आप भी बनना चाहते हैं इसरो के साइंटिस्ट? जानिए कैसे बनाए इसमें अपना करियर

By अंजली चौहान | Updated: August 24, 2023 19:36 IST

भारत के कई स्कूलों और कॉलेजों ने चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग का आयोजन किया। ऐसा छात्रों में जिज्ञासा बढ़ाने और अन्वेषण के प्रति जुनून जगाने के लिए किया गया था।

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ISRO: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा बुधवार को चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा पर लैंड कराया गया है जिसने इतिहास रच दिया है।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि को हासिल करने पर भारत को बधाई देने के लिए दुनिया भर से शुभकामनाएं आ रही हैं। इस ऐतिहासिक क्षण को दुनिया भर के लोगों, विशेषकर भारतीयों ने देखा।

भारत के कई स्कूलों और कॉलेजों ने चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग भी आयोजित की। ऐसा छात्रों में जिज्ञासा बढ़ाने और अन्वेषण के प्रति जुनून जगाने के लिए किया गया था।

चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग देखने के बाद, कई छात्रों ने इसरो में अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने के बारे में सोचा होगा। 

हालांकि, बच्चों को ये नहीं पता होगा कि वो कैसे इसमें अपना सफल करियर बनाए। ऐसे में आइए इस लेख के जरिए हम आपको बताते हैं इसरो में वैज्ञानिक बनने के लिए क्या करना होगा?

दसवीं के बाद चुनें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स

जिन छात्रों का इसरो में वैज्ञानिक बनने का सपना है उन्हें अंतरिक्ष वैज्ञानिक के रूप में करियर बनाने में रुचि रखने वालों को 10वीं कक्षा के बाद विज्ञान स्ट्रीम लेनी चाहिए।

उन्हें अनिवार्य विषयों के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित का चयन करना चाहिए। कक्षा 10 के बाद इन विषयों का अध्ययन करने से छात्रों को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा या बीएससी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा पास करने में मदद मिलेगी।

बीटेक, बीएससी के लिए प्रवेश परीक्षा

अगर आप बीटेक या बीएससी करना चाहते हैं, तो इन पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हों। जो लोग बीटेक करना चाहते हैं उन्हें जेईई मेन या जेईई एडवांस लेना चाहिए।

जेईई मेन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और विभिन्न अन्य कॉलेजों जैसे कॉलेजों के लिए आयोजित किया जाता है।

जेईई एडवांस्ड का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश के लिए किया जाता है। जो लोग बीएससी करना चाहते हैं, वे सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) में शामिल हो सकते हैं।

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान 

जानकारी के मुताबिक, छात्र भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान से संबंधित स्ट्रीम में बीटेक भी कर सकते हैं। कॉलेज एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एवियोनिक्स) में बीटेक प्रदान करता है। यह 5-वर्षीय दोहरी डिग्री (बी.टेक. + मास्टर ऑफ साइंस/मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी) भी प्रदान करता है।

इसरो में भर्ती

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) कभी-कभी कैंपस प्लेसमेंट में सीधे कॉलेजों से लोगों को नियुक्त करता है। यह अंतरिक्ष वैज्ञानिक सहित विभिन्न पदों को भरने के लिए केंद्रीकृत भर्ती परीक्षा भी आयोजित करता है। उम्मीदवारों को जागरूक रहना होगा और उन्हें नौकरी से संबंधित अपडेट के लिए नियमित रूप से इसरो की वेबसाइट पर जाना चाहिए।

टॅग्स :इसरोभारतसाइंटिस्टकरियर समाचारचंद्रयान-3
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