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दिल्ली पुलिस के वजीराबाद ट्रेनिंग सेंटर में एएसआई सुरेश कुमार कौशिक की मौत

By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 15, 2019 14:39 IST

शुरुआती जांच में स्वास्थ्य कारणों से मौत की बात सामने आई है, लेकिन असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगी। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) सुरेश कुमार कौशिक (52) पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज झड़ौदा कलां में नियुक्त थे।

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ठळक मुद्देबुधवार तड़के सुबह करीब 3 बजे उनकी हालत बिगड़ने के बाद नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सुरेश कुमार को ट्रेनिंग में बुलाने से पहले उनका मेडिकल कराया गया था, जिसमें वह ट्रेनिंग के लिए फिट मिले थे। इसके बाद ही उनको फिजिकल ट्रेनिंग दी जा रही थी।

दिल्ली पुलिस के वजीराबाद ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मी की मौत हो गई। शुरुआती जांच में स्वास्थ्य कारणों से मौत की बात सामने आई है, लेकिन असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगी।

असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) सुरेश कुमार कौशिक (52) पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज झड़ौदा कलां में नियुक्त थे। हेड कॉस्टेबल से एएसआई बनने के बाद इंटरमीडिएट कोर्स करने आए थे। बुधवार तड़के सुबह करीब 3 बजे उनकी हालत बिगड़ने के बाद नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। 

ट्रेनिंग से पहले मेडिकल में फिट थे 

पुलिस के मुताबिक, सुरेश कुमार को ट्रेनिंग में बुलाने से पहले उनका मेडिकल कराया गया था, जिसमें वह ट्रेनिंग के लिए फिट मिले थे। इसके बाद ही उनको फिजिकल ट्रेनिंग दी जा रही थी। पता चला है कि मंगलवार को पूरा दिन वह अस्वस्थ रहे, लेकिन उन्होंने इस बात का किसी से जिक्र नहीं किया।

रात में 3 बजे के करीब जब उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई, तो उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी। तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सुरेश बहादुरगढ़ में पत्नी और ३ बच्चों के साथ रहते थे, लेकिन झड़ौदा कलां में ड्यूटी होने के कारण ज्यादातर पीटीएस में ही रात गुजारते थे। सप्ताह या महीने भर में कभी-कभी वह अपने घर जाते थे। सुरेश को दिल की बीमारी भी थी, जिसका बीएल कपूर अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस पूरे मामले में यह आरोप भी सामने आया कि सुरेश कुमार को बीमारी के बावजूद सजा दी गई थी, जबकि अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बहुत देर से मिली थी। हालांकि स्पेशल सीपी, ट्रेनिंग प्रदीप कुमार भारद्वाज ने बताया कि सुरेश ट्रेनिंग के लिए मेडिकली फिट थे।

लेकिन उनकी मौत के बाद पुलिस जांच कर रही है। पीटीएस में ही एंबुलेंस खड़ी रहती है, तो ऐसे में देर से एंबुलेंस मिलने का सवाल ही नहीं है। वहीं अडिशनल सीपी परवेज अहमद ने दावा किया कि सुरेश को मंगलवार को सजा मिलने की बात गलत है।

सर्विस में सजा तो मिलती ही है, लेकिन मंगलवार को सुरेश को कोई सजा नहीं दी गई थी। डीसीपी नॉर्थ ईस्ट अतुल ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद जांच की जा रही है।

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