लाइव न्यूज़ :

कोविड टीकों की ‘बूस्टर’ खुराक 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को देने पर विचार हो: आईएनएसएसीओजी

By भाषा | Updated: December 3, 2021 17:57 IST

Open in App

नयी दिल्ली, तीन दिसंबर कोविड-19 के खिलाफ बूस्टर खुराक दिए जाने की मांग के बीच भारत के शीर्ष जीनोम वैज्ञानिकों ने कहा है कि 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को ‘बूस्टर’ (तीसरी) खुराक देने पर ‘‘विचार किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग के लोगों के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा अधिक है।

यह सुझाव ‘भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम’ (आईएनएसएसीओजी) के साप्ताहिक बुलेटिन में दिया गया है। सरकार ने आईएनएसएसीओजी की स्थापना कोविड-19 के जीनोम अनुक्रमण का विश्लेषण करने के लिए की थी।

आईएनएसएसीओजी के बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘ जिन लोगों को अधिक खतरा है, उनका टीकाकरण और 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को ‘बूस्टर’ खुराक देने पर विचार किया जा सकता है। सबसे पहले, उन लोगों को लक्षित किया जाए, जिनके संक्रमित होने का खतरा सबसे अधिक है।’’

देश में वैश्विक महामारी की स्थिति पर लोकसभा में चर्चा के दौरान सांसदों द्वारा कोविड-19 रोधी टीकों की ‘बूस्टर’ खुराक दिए जाने की मांग के बाद यह सिफारिश की गई है।

आईएनएसएसीओजी ने कहा कि आवश्यक जन स्वास्थ्य उपायों को कारगर बनाने के वास्ते इस प्रकार की उपस्थिति का शीघ्र पता लगाने के लिए जीनोमिक निगरानी महत्वपूर्ण होगी।

उसने सुझाव दिया कि प्रभावित क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जाए, उनके सम्पर्क में आए लोगों की पहचान करें और जांच बढ़ाएं।

आईएनएसएसीओजी ने बुलेटिन में कहा, ‘‘जिन लोगों को टीका नहीं लगा है उनके टीकाकरण और 40 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर खुराक देने पर विचार करते समय, सबसे पहले ज्यादा खतरे वाले लोगों पर विचार किया जा सकता है क्योंकि वर्तमान टीकों से रोग प्रतिरोधक को निष्क्रिय करने का कम स्तर ओमीक्रोन को निष्क्रिय करने में पर्याप्त साबित नहीं हो सकता है।’’

इसने कहा कि इस स्वरूप की मौजूदगी का पता लगाने में जीनोम निगरानी करना महत्वपूर्ण होगा ताकि आवश्यक जन स्वास्थ्य उपाय किए जा सकें।

अभी तक अमेरिका और ब्रिटेन ने सभी वयस्कों के लिए दूसरी खुराक के छह महीने बाद बूस्टर खुराक लगाए जाने की अनुशंसा की है।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल ने कहा था कि ओमीक्रोन स्वरूप की नई चुनौती के बावजूद कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण है।

पॉल ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे पास उपाय (टीकाकरण) है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि टीकाकरण का कवरेज बढ़ाया जाना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें दो खुराक का फायदा है और लोगों को दोनों खुराक जल्द से जल्द लगवा लेना चाहिए। खुराकों के बीच का समय वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित है और वर्तमान समयावधि में कोई बदलाव नहीं है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

क्रिकेटSRH vs LSG: ऋषभ पंत ने दिखाया कमाल, अर्धशतक जड़कर लखनऊ को IPL 2026 की पहली जीत दिलाई

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारत अधिक खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन