लाइव न्यूज़ :

चीन अब कैलाश पर्वत के पास तैनात करेगा मिसाइलें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 22, 2020 21:40 IST

भारत के बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने सीमावर्ती गांवों और सुरक्षाबलों को कनेक्टिविटी देने के लिए कैलाश मानसरोवर रोड से लिपुलेख दर्रे को जोड़ा है।

Open in App
ठळक मुद्देकैलाश मानसरोवर यात्री तीर्थ यात्रा के लिए पहले से ही इस रोड का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से इस बात का खुलासा होता है कि चीन मानसरोवर झील के किनारे HQ-9 मिसाइल की तैनाती करने की तैयारी में है।चीन HT-233 रडार सिस्टम लगा रहा है, जिससे मिसाइल का फायर सिस्टम काम करता है।

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में चीन व भारतीय सीमा पर दोनों देशों के सेना के बीच जारी तनाव के बीच खबर आ रही है कि चीन अब हमारे धार्मिक महत्व की जगहों के पास भी अपने सैन्य अड्डे बना रहा है। चीन और भारत में मई महीने से गतिरोध जारी है। पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत का सीमा विवाद जून में इतना बढ़ गया था कि गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। 

इंडिया टुडे के मुताबिक, इस बार तो उसने हद ही कर दी। चीन ने कैलाश पर्वत के पास स्थित मानसरोवर झील के किनारे जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए साइट बनाना शुरू कर दिया है।

कैलाश-मानसरोवर जैसे धार्मिक स्थान को मिलिट्री से घेर देना चीन की एक साजिश का हिस्सा है। वह लद्दाख वाले तनाव के बाद से ऐसा कर रहा है।

बता दें कि भारत के बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने सीमावर्ती गांवों और सुरक्षाबलों को कनेक्टिविटी देने के लिए कैलाश मानसरोवर रोड से लिपुलेख दर्रे को जोड़ा है। कैलाश मानसरोवर यात्री तीर्थ यात्रा के लिए पहले से ही इस रोड का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। 

सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से इस बात का खुलासा होता है कि चीन मानसरोवर झील के किनारे HQ-9 मिसाइल की तैनाती करने की तैयारी में है। यहां पर चीन HT-233 रडार सिस्टम लगा रहा है, जिससे मिसाइल का फायर सिस्टम काम करता है।

ये मिसाइलें भारतीय सीमा से मात्र 90 किलोमीटर दूर तैनात की जाएंगी। ये मध्यम रेंज की मिसाइलें होंगी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने यहां पहले तीर्थयात्रियों के लिए एक छोटा सा अस्थाई रहवास जैसा बनाया था।

साथ ही कई होटल्स और घर भी बने हुए हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में यहां पर एक हाइवे, कुछ नए होटल्स और नई इमारतें बन चुकी हैं।

टॅग्स :चीनइंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारभारत-न्यूजीलैंड FTA पर हस्ताक्षर: $20 अरब का निवेश, 5,000 वीज़ा और ड्यूटी-फ्री एक्सेस, जानें मुख्य विशेषता

विश्वIran Travel Advisory: ईरान की यात्रा से बचें, भारत सरकार की नागरिकों को सख्त चेतावनी, 'हवाई या सड़क मार्ग का न करें इस्तेमाल'

विश्वराष्ट्रपति ट्रंप ने 'नरक' वाले विवाद को शांत करने की कोशिश की, भारत को बताया एक 'महान देश'

विश्वडोनाल्ड ट्रंप के भारत को 'नरक' बताने वाले पोस्ट पर MEA ने क्या कहा

विश्वVIDEO: देखिए कैसे होर्मुज़ में नकाबपोश ईरानी कमांडो ने भारत जा रहे जहाज़ को कब्जे में लिया

भारत अधिक खबरें

भारतUjjain: बंगरेड के राजावत परिवार ने समाज के सामने नई इबारत लिखी, दहेज में 25 लाख नकदी और 15 तोला सोना लौटाया

भारतनागपुर: ध्वनि प्रदूषण रोकने रैप सिंगर बने ईएनटी सर्जन, ‘हॉर्न नॉट ओके प्लीज’ रैप सांग बनाया

भारतMaharashtra: एसबीएल विस्फोट मामले में 5 पदाधिकारियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

भारतचुनाव आयोग ने यूपी के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' अजय पाल शर्मा को बनाया बंगाल चुनावों के लिए पर्यवेक्षक

भारत'भ्रष्टाचार के मामले में TMC प्रमुख पीएम मोदी से कम नहीं': राहुल गांधी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना