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छत्तीसगढ़: सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट का उत्पादन किया जाएगा

By भाषा | Updated: August 17, 2020 20:25 IST

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग विभाग और रक्षा उत्पादों की औद्योगिक इकाई स्थापित करने वाली कंपनी मेसर्स एटमास्टको लिमिटेड, दुर्ग के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

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ठळक मुद्देथल सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा राज्य सरकार के सशस्त्र बलों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट का उत्पादन करेगी। रक्षा उत्पादों की यह इकाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बिरेभांठ गांव में स्थापित की जाएगी। इकाई में कंपनी द्वारा लगभग 87.50 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया जाएगा।

रायपुरःछत्तीसगढ़ में सेना तथा अर्धसैनिक बलों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट का उत्पादन किया जाएगा। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में सोमवार को छत्तीसगढ़ में रक्षा श्रेणी के उद्योग की पहली उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

यह औद्योगिक इकाई भारत सरकार के विभिन्न सशस्त्र बलों जैसे थल सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा राज्य सरकार के सशस्त्र बलों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट का उत्पादन करेगी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग विभाग और रक्षा उत्पादों की औद्योगिक इकाई स्थापित करने वाली कंपनी मेसर्स एटमास्टको लिमिटेड, दुर्ग के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादों की यह इकाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बिरेभांठ गांव में स्थापित की जाएगी। इस इकाई में कंपनी द्वारा लगभग 87.50 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया जाएगा। इस उद्योग के माध्यम से लगभग 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रथम चरण में रक्षा उत्पादों की यह औद्योगिक इकाई एक-एक लाख बुलेटप्रूफ जैकेट तथा हेलमेट का उत्पादन करेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने इस इकाई की स्थापना के लिए कंपनी और उद्योग विभाग के अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

अधिकारियों ने बताया कि एमओयू में उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) एस स्वामीनाथन ने हस्ताक्षर किया। प्रमुख सचिव पिंगुआ ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में रक्षा श्रेणी के उद्योगों को उच्च प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाली इस प्रथम इकाई के लिए डीआरडीओ से तकनीक के लिए अनुबंध किया गया है। स्वामीनाथन ने बताया कि इकाई में नवंबर तक उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि कंपनी द्वारा लाइसेंस और एग्रीमेंट के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी के लिए भारत सरकार से 25 मार्च 2019 को अनुबंध किया गया है। इस अवसर पर भूपेश बघेल मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव आरपी मंडल और अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

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