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धनबाद जज हत्याकांड: सीबीआई ने की बड़ी घोषणा, साजिशकर्ता की जानकारी देने वाले को मिलेंगे 5 लाख रुपये

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 15, 2021 15:20 IST

धनबाद जज हत्याकांड मामले में सीबीआई पिछले कई दिनों से जांच कर रही है लेकिन उसके हाथ अब भी खाली ही नजर आ रहे हैं. सीबीआई के हाथ अब तक कोई सुराग नहीं लगा है वहीं सीबीआई ने इस मामले में बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि जो भी शख्स साजिशकर्ताओं की जानकारी देगा उसे सीबीआई 5 लाख रुपये  इनाम देगी. 

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धनबाद जज हत्याकांड मामले में सीबीआई पिछले कई दिनों से जांच कर रही है लेकिन उसके हाथ अब भी खाली ही नजर आ रहे हैं. सीबीआई के हाथ अब तक कोई सुराग नहीं लगा है वहीं सीबीआई ने इस मामले में बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि जो भी शख्स साजिशकर्ताओं की जानकारी देगा उसे सीबीआई 5 लाख रुपये  इनाम देगी. 

बता दें कि बीते दिनों एसआईटी की जांच के बाद सीबीआई ने धनबाद जज हत्याकांड मामले का जिम्मा संभाला था. धनबाद जिले में पदस्थ न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत बीते महीने 28 जुलाई को सुबह टहलने के दौरान वाहन से टक्कर लगने से हुई थी. सीबीआई ने जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में 20 अधिकारियों की टीम गठित की थी. झारखंड सरकार के केंद्र  से अनुरोध के बाद सीबीआई ने जांच का जिम्मा लिया था.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद के न्यायाधीश 49 वर्षीय उत्तम आनंद की वाहन की टक्कर से हुई मौत की जांच सीबीआई के हवाले करने का फैसला किया था. वहीं इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था जिसमें धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के पास चौड़ी सड़क के किनारे वॉक करने जज उत्तम आनंद को पीछे आ रहे ऑटो रिक्शा ने सड़क खाली होने के बावजूद टक्कर मारी और वहां से फरार हो गया.  इस घटना के बाद जज उत्तम आनंद को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.

इससे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि उसे एक दिन पहले राज्य सरकार से मामले की जांच संभालने हेतु पत्र मिला है. मुख्य न्यायाधीश डॉ.रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने सीबीआई को मामले की जांच यथाशीघ्र करने का निर्देश दिया था.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई को धनबाद के न्यायाधीश के ‘दुखद निधन’ पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने झारखंड के मुख्य सचिव ओर पुलिस महानिदेशक से एक सप्ताह में मामले की जांच से संबंधित स्थिति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था. हांलाकि एसआईटी और सीबीआई की जांच के बावजूद अब तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाया है. 

टॅग्स :झारखंडसीबीआईधनबादसुप्रीम कोर्टsupreme court
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