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कलकत्ता यूनिवर्सिटी में छात्रों ने जगदीप धनखड़ की कार को घेरा, 'राज्यपाल वापस जाओ' के लगाए नारे 

By रामदीप मिश्रा | Updated: January 28, 2020 13:38 IST

मंगलवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ कलकत्ता यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए राजभवन से निकले थे। राज्यपाल जैसे ही यूनिवर्सिटी पहुंचे तो छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

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ठळक मुद्देपश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को मंगलवार (28 जनवरी) को कलकत्ता यूनिवर्सिटी के छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा है। छात्रों ने इस दौरान नारेबाजी भी की और 'राज्यपाल वापस जाओ' के नारे लगाए हैं।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को मंगलवार (28 जनवरी) को कलकत्ता यूनिवर्सिटी के छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा है। छात्रों ने इस दौरान नारेबाजी भी की और 'राज्यपाल वापस जाओ' के नारे लगाए हैं। बता दें पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच आपसी तालमेल बन नहीं पा रहा है। दोनों ओर से लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर खत्म नहीं होता है।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ कलकत्ता यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए राजभवन से निकले थे। राज्यपाल जैसे ही यूनिवर्सिटी पहुंचे तो छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान काफी संख्या में छात्र एकत्रित हो गए और उनकी कार को घेर लिया। छात्रों ने इस दौरान 'राज्यपाल वापस जाओ' के नारे लगाए।  बता दें हाल ही में राज्यपाल जगदीप धनखड़ के होने वाली राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में शामिल होने के लिए कोई भी राजभवन नहीं पहुंचा था। बैठक में आमंत्रित कुलपतियों में से एक ने कहा था कि उनकी कुछ अन्य प्रतिबद्धताएं थीं। प्रदेश में करीब 20 राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालय हैं लेकिन किसी के भी कुलपति बैठक में नहीं पहुंचे थे। 

इधर, राज्यपाल धनखड़ और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच में आपसी झगड़ा साफ नजर आता है। राज्यपाल ने 25 जनवरी को केंद्र का विरोध करने पर ममता सरकार पर प्रहार किया था और कहा कि टकराव नहीं बल्कि तालमेल ही आगे का रास्ता है। अगस्त, 2019 से तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ टकराव में चल रहे धनखड़ ने कहा था कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को अपनी सीमा के अंदर ही रहकर काम करना चाहिए और उसकी अवमानना करने से लोकतंत्र को 'नुकसान पहुंचता है और उसकी छवि खराब होती' है। 

उन्होंने लोगों से संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों को मानने और पालन करने तथा सहिष्णुता अपनाने की अपील की। उन्होंने राज्य के लोगों से व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में राज्य का गौरव बहाल करने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की अपील की थी।

टॅग्स :जगदीप धनखड़पश्चिम बंगाल
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