लाइव न्यूज़ :

भारत से वार्ता में बंग्लादेश ने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है इसलिए भारत जाने की जरूरत नहीं रही

By शिवेंद्र राय | Updated: July 22, 2022 16:16 IST

भारत और बंग्लादेश के बीच 52वें महानिदेशक स्तर की तीन दिवसीय वार्ता ढाका में संपन्न हुई। भारतीय पक्ष ने बंग्लादेश की सीमा से भारत में हो रहे अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में बंग्लादेश की तरफ से वार्ता का नेतृत्व कर रहे मेजर जनरल शकील अहमद ने कहा कि अब हमारे देश की अर्थव्यवस्था ठीक हो रही है। अब बंग्लादेश के लोगों को सीमा पार करने की जरूरत नहीं है।

Open in App
ठळक मुद्देभारत-बंग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के बीच महानिदेशक स्तर की वार्ता हुईवार्ता बंग्लादेश की राजधानी ढाका में संपन्न हुईभारतीय पक्ष ने उठाया अवैध घुसपैठ का मुद्दा

नई दिल्ली: भारत में बंग्लादेश से होनी अवैध घुसपैठ का मामला लगतार राजनीतिक रूप से सुर्खियों में रहता है। पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में बंग्लादेश सीमा से घुसपैठ आम बात हैं। इस मामले पर बंग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख का मानना है कि बंग्लादेश की सीमा से भारत में अवैध तरीके से घुसपैठ के मामले अब कम हो गए हैं क्योंकि उनके देश की अर्थव्यवस्था सुधर रही है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल 21 जुलाई को बंग्लादेश की राजधानी ढाका में भारतीय सीमा सुरक्षा बल और बंग्लादेश की सीमा सुरक्षा बल के प्रमुखों के बीच महानिदेशक स्तर की बातचीत हुई। यह महत्वपूर्ण वार्ता तीन दिन तक चली। वार्ता के दौरान जब भारतीय पक्ष ने बंग्लादेश की सीमा से भारत में हो रहे अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाया तब बांग्लादेश सीमा बल के प्रमुख ने कहा कि उनके देश की अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। इसलिए बंग्लादेश के नागरिकों को रोजी-रोटी के लिए भारत जाने की कोई जरूरत नहीं है। बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख ने भारत से ये सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे और भारत से बांग्लादेश में हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी पर नियंत्रण लगाया जाए।

दोनो देशों के सीमा सुरक्षा बल के बीच हुई महानिदेश स्तर की वार्ता में भारत की तरफ से डायरेक्टर जलरल पंकज सिंह और बंग्लादेश की तरफ से मेजर जनरल शकील अहमद ने नेतृत्व किया। दोनो देशों के बीच 52वें महानिदेशक स्तर के समन्वय सम्मेलन में सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने और सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। वार्ता में सीमा सुरक्षा बलों और देशों दोनों के बीच आपसी विश्वास और सद्भाव बढ़ाने का प्रयास किया गया। वार्ता के बाद बीएसएफ ने एक बयान में कहा, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की चिंताओं को समझा और सभी स्तरों पर निरंतर, रचनात्मक और सकारात्मक जुड़ाव के माध्यम से विभिन्न सीमा मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की।

वार्ता के दौरान बंग्लादेश के मेजर जनरल शकील अहमद ने BSF द्वारा बांग्लादेशी नागरिकों की बढ़ती गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की और सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की हत्याओं को रोकने के लिए कहा। इसके जवाब में BSF के डीजी ने अहमद से कहा कि भारत राष्ट्रीयता के आधार पर अपराधियों के बीच भेदभाव नहीं करता है।

टॅग्स :सीमा सुरक्षा बलबांग्लादेशBorder Security Force (BSF)Army
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वबांग्लादेश में भारतीय दूतावास अधिकारी की मौत, दफ्तर में मिला शव; मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस

भारतपाकिस्तान को तय करना होगा भूगोल या इतिहास का हिस्सा बने रहना चाहता?, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा-  भारत के खिलाफ कार्रवाई जारी रखता है तो

क्राइम अलर्टफर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट बनवा कर बहरीन और सऊदी अरब की यात्रा, बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या कैंप में रहने वाले अब्दुल अमीन को 3 साल की सजा?

भारतपश्चिम बंगाल भाजपा चुनाव परिणामः नूरूल हुदा की ऐसी हिम्मत कैसे हुई?

भारतबंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने के लिए BSF को ज़मीन हस्तांतरित करने की दी मंज़ूरी

भारत अधिक खबरें

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह