लाइव न्यूज़ :

सीमा विवाद : ओडिशा ने विवादित कोटिया पंचायत क्षेत्र में अवरोधक लगाए, पुलिस की तैनाती की

By भाषा | Updated: August 17, 2021 21:43 IST

Open in App

ओडिशा सरकार ने आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा विवादित कोटिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई योजनाएं लागू करने की कोशिश के बाद इलाके में पुलिस की तैनाती की है और अवरोधक लगाए हैं। इस क्षेत्र पर दोनों राज्य दावा करते हैं। आंध्र प्रदेश ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि ओडिशा की कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन है जिसमें दोनों को यथा स्थिति कायम रखने को कहा गया है। उसने कहा कि वह इस मामले को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाएगा।ओडिशा के कोरापुट जिला प्रशासन ने बताया कि आंध्र प्रदेश विधानसभा में सलूर से विधायक पी.रंजन डोरा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि आंध्र प्रदेश से करीब 500 लोग कोटिया में दाखिल होंगे और कई सरकारी इमारतों की अधारशिला रखने, जमीन का पट्टा देने और वृक्षारोपण सहित कई कार्यक्रम लागू करेंगे। कोरापुट के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट डेबेन कुमार प्रधान ने कहा, ‘‘इन कदमों से अशांति फैल सकती है क्योंकि कोरापुट के विधायक ने इस कदम का विरोध किया है। इसलिए प्रशासन ने सोमवार को अंतर राज्यीय सीमा पर अवरोधक लगाए और पर्याप्त संख्या में बलों की तैनाती की है ताकि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों और नेताओं को प्रवेश करने से रोका जा सके। उन्होंने बताया, ‘‘ 11 अधिकारियों को मजिस्ट्रेट के अधिकार के साथ इलाके में तैनात किया गया है, जो हालात की निगरानी कर रहे हैं। मौजूदा समय आंध्र प्रदेश के अधिकारियों द्वारा कोटिया में प्रवेश की कोशिश किए जाने के बावजूद शांतिपूर्ण बनी हुई है।’’ वहीं, पार्टी से इतर विधायक सहित नेता सोमवार को इलाके में आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को कोटिया में प्रवेश करने से रोकने के लिए एकत्र हुए। ओडिशा सरकार ने पंचायत के न्यायाधिकार क्षेत्र के 21 गांवों में उडिया भाषा में संकेतक भी लगाए हैं। आंध्र प्रदेश विधानसभा में सलूर के विधायक से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश ‘विद्या कनुका (छात्रों के लिए किट वितरण) कार्यक्रम लागू करना चाहता है क्योंकि सोमवार को इलाके के स्कूल खुले है। इसके अलावा गांव में वृक्षरोपण अभियान और ग्राम सचिवालय की इमारत बनाने की पहल करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘ ओडिशा का कदम उच्चतम न्यायालय के यथा स्थिति कायम रखने के निर्देश का उल्लंघन है। मैंने इस मुद्दे को मुख्य सचिव आदित्य नाथ दास और विजयनगरम की कलेक्टर सूर्या कुमारी के समक्ष भी उठाया है और उनसे मामले को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाने का अनुरोध किया है।’’ गौरतलब है कि कोटिया पंचायत के अंतर्गत 28 गांवों में से 21 गावों का विवाद पहली बार वर्ष 1968 में उच्चतम न्यायालय पहुंचा। वर्ष 2006 में शीर्ष अदालत ने कहा कि अंतर राज्यीय सीमा उसके न्यायाधिकार क्षेत्र में नहीं आता और केवल संसद यह मुद्दा निपटा सकती है। अदालत ने विवादित क्षेत्र के मामले में स्थायी रोक लगा दी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारतकभी किसी के विचारों पर आत्मावलोकन भी तो हो!

भारतCJI सूर्यकांत ने अपने बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से करने वाले बयान पर दी सफाई

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज