मुंबईः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार तेजस्वी घोसालकर ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता एवं अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी धनश्री विलास कोलगे को हराकर जीत दर्ज की। शुक्रवार को घोषित आधिकारिक नतीजों में यह जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि दहिसर की वार्ड संख्या दो से चुनाव लड़ रहीं घोसालकर को 16,484 वोट मिले, जबकि कोलगे को 5,729 वोट प्राप्त हुए। उनकी जीत का अंतर 10,755 वोट रहा। दहिसर के पश्चिमी उपनगर में वार्ड संख्या एक में शिवसेना की रेखा यादव को 7,544 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस की शीतल म्हात्रे को पराजित किया। म्हात्रे को 5,070 वोट मिले। यादव को करीब 2,500 वोट के अंतर से विजेता घोषित किया गया।
मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू होने के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव के, 227 वार्ड में से 210 वार्ड के रुझानों के अनुसार भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना आगे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। टीवी चैनल के अनुसार, मुंबई के 92 वार्ड में भाजपा आगे है जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 26 वार्ड में आगे है।
बीएमसी चुनाव: कोलाबा के वार्ड में मतदाताओं की उदासीनता बरकरार, केवल 20.88 प्रतिशत मतदान
लंबे इंतजार के बाद हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में मुंबई के विभिन्न हिस्सों के लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया, लेकिन ‘पॉश’ कोलाबा इलाके के एक वार्ड में निराशाजनक रूप से केवल 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ और पिछले चुनावों में कम भागीदारी की उसकी परंपरा कायम रही।
अंतिम मतदान आंकड़ों के अनुसार, कोलाबा के कुछ हिस्सों को कवर करने वाले नगर निकाय वार्ड 227 में 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ, जो मुंबई के कुल 227 नगर निकाय वार्डों में सबसे कम है। यह वार्ड मुंबई के कुल मतदान प्रतिशत 52.94 के आधे तक भी नहीं पहुंच सका, यानी कुल 46,036 में से केवल 9,614 निवासियों ने मतदान किया।
इस ‘पॉश’ इलाके के अन्य दो वार्ड-226 और 225-में क्रमशः 50.69 प्रतिशत और 45.59 प्रतिशत मतदान हुआ। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार मकरंद नार्वेकर, जो चुनावों में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं, वार्ड 226 से चुनाव लड़ रहे थे, जबकि उनकी रिश्तेदार गौरवी शिवालकर नार्वेकर वार्ड 227 से चुनावी मैदान में हैं।
कोलाबा मुख्य रूप से नगर निकाय वार्ड 225, 226 और 227 के अंतर्गत आता है। यह मुंबई के सबसे विविध इलाकों में से एक है, जहां मराठी भाषी परिवार, पारसी, मुस्लिम, ईसाई और सिंधी समुदाय के लोगों के अलावा नौसैनिक प्रतिष्ठानों की मौजूदगी के कारण रक्षा कर्मी भी रहते हैं। इस इलाके में विरासत क्षेत्र और महंगे आवासीय परिसर हैं।
इनके अलावा यहां पुरानी आवासीय कॉलोनियां और चॉल भी है। इसी कारण यहां नागरिकों चिंताएं भी अलग-अलग हैं। सितंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले, भारत निर्वाचन आयोग ने कोलाबा में मतदाताओं की उदासीनता को लेकर चिंता जताई थी।
तत्कालीन पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शहरी इलाकों जैसे कोलाबा और कल्याण पश्चिम में कम मतदान को रेखांकित किया था और इन निर्वाचन क्षेत्रों तथा नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के बस्तर के बीच स्पष्ट अंतर की ओर इशारा किया था, जहां पिछले चुनावों में क्रमशः 78 प्रतिशत और 68 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था।