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भाजपा का चुनिंदा हत्याएं बंद होने के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा, उमर ने की निंदा

By भाषा | Updated: November 29, 2021 20:06 IST

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जम्मू/श्रीनगर, 29 नवंबर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि लक्षित हत्याएं केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ‘‘सामूहिक विफलता’’ को दर्शाती हैं। उनका यह बयान तब आया जब भाजपा की स्थानीय इकाई ने चुनिंदा हत्याएं रुकने के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किए जाने का वादा किया।

पांच अगस्त, 2019 को, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख- दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।

भाजपा महासचिव (संगठन) अशोक कौल ने उत्तर कश्मीर के बांदीपुरा में संवाददाताओं से कहा कि जब चुनिंदा हत्याएं बंद हो जाएंगी और आम आदमी मुक्त रूप से घूमने लगेगा तो क्षेत्र का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कश्मीर में चुनिंदा हत्याओं को लेकर चिंतित है क्योंकि उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

कौल ने कहा, ‘‘इसमें भाजपा नेताओं को मारा जा रहा है, या गैर कश्मीरियों को या गैर मुस्लिमों को। कुछ मुस्लिमों को भी निशाना बनाया जा रहा है। हम हर चुनिंदा हत्या का विरोध करते हैं और कोई भी धर्म इसकी इजाजत नहीं देता।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा और भाजपा इस मांग का समर्थन करती है।

कौल ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में जब स्थिति में सुधार होगा, जब यह (स्थिति) सामान्य होगी, चुनिंदा हत्याएं बंद होंगी और आम आदमी मुक्त रूप से घूम सकेगा तब राज्य का दर्जा बहाल होगा।’’

इस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘तो केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सामूहिक विफलता के कारण, जम्मू-कश्मीर के लोगों को हमारे राज्य का दर्जा रोककर दंडित किया जाएगा?’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वे लोगों की रक्षा करने में विफल रहते हैं, वे सुरक्षा स्थिति का प्रबंधन करने में विफल रहते हैं और हम बाकी को दंडित किया जाता है। क्या आइडिया है सर जी।’’

विधानसभा चुनाव कराए जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल पर भाजपा नेता कौल ने कहा कि परिसीमन आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘परिसीमन आयोग के पास छह मार्च (अगले साल) तक का समय है। जब आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके तहत 90 सीट का परिसीमन किया जाएगा, इसके तुरंत बाद चुनाव कराए जाएंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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