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बिहार: नवादा जेल में रहते हुए युवक ने क्लियर की IIT JAM परीक्षा, हासिल किया 54वां स्थान

By एस पी सिन्हा | Updated: March 24, 2022 16:07 IST

बिहार के नवादा मंडल कारा में बंद सूरज कुमार उर्फ कौशलेंद्र कुमार करीब 10 महीने से जेल में बंद है। उसने जेल से ही सेल्फ स्टडी कर आईआईटी क्वालीफाई कर लिया। कहा जा रहा है सूरज की सफलता के पीछे तत्कालीन मंडलकारा अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय की अहम भूमिका रही।

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ठळक मुद्देसूरज ने 13 फरवरी को पेरोल लेकर जेल से बाहर जाकर परीक्षा दी थी। सूरज कुमार नवादा जिले के वारिसलीगंज के मोसमा गांव निवासी अर्जुन यादव का बेटा है।सूरज कुमार ने इससे पहले आईआईटी जेईई की परीक्षा के लिए कोटा में रहकर एक साल तक तैयारी की थी।

पटना:बिहार के नवादा मंडल कारा में बंद सूरज कुमार उर्फ कौशलेंद्र कुमार ने जेल में रहते हुए आईआईटी की ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स की परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। सूरज ने जैम की परीक्षा में पूरे भारत में 54वां रैंक हासिल किया है। वह अब आईआईटी रुड़की में एडमिशन लेकर मास्टर डिग्री कोर्स कर सकेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक सूरज कुमार करीब 10 महीने से जेल में बंद है। उसने जेल से ही सेल्फ स्टडी कर आईआईटी क्वालीफाई कर लिया। कहा जा रहा है सूरज की सफलता के पीछे तत्कालीन मंडलकारा अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय की अहम भूमिका रही। काराधीक्षक ने जेल के भीतर ही परीक्षा की तैयारी के लिए सूरज को किताबें और नोट्स समेत अन्य मैटेरियल उपलब्ध करा दिये थे। जिसके बाद सूरज ने जेल के भीतर तैयारी कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया। 

सूरज ने 13 फरवरी को पेरोल लेकर जेल से बाहर जाकर परीक्षा दी थी। उसने जेल में रहते हुए उच्च शिक्षा पाने के सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स (जेएएम) की परीक्षा में सूरज कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैथमेटिक्स से एमएससी करने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की के लिए चयन किया गया है।

बताया जा रहा है कि सूरज कुमार नवादा जिले के वारिसलीगंज के मोसमा गांव निवासी अर्जुन यादव का बेटा है। सूरज कुमार ने इससे पहले आईआईटी जेईई की परीक्षा के लिए कोटा में रहकर एक साल तक तैयारी की थी। इसी बीच गांव में नाली विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत के मामले में सूरज को नामजद बना दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूरज को 19 अप्रैल 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

लेकिन जेल में रहते भी उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी और जेल में रहते हुए उसने ऑल इंडिया 54 रैंक हासिल किया हुआ है, जो पूरे जिला के लिए गौरव की बात है। मंडल कारा में बदले हुए माहौल का असर रहा कि पूर्व जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडे के कार्यकाल के दौरान किए गये तैयारी का असर रहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिलने के साथ ही ऑल इंडिया रैंकिंग भी काफी बेहतर प्राप्त हुआ है।

बताया जाता है कि सूरज कुमार ने 19 अप्रैल को अपने गांव में 45 वर्षीय संजय यादव की बुरी तरह पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। परिजन बताते है कि सूरज का सपना वैज्ञानिक बनने का है। इस सफलता का श्रेय जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडे और अपने भाई वीरेंद्र कुमार को दिया है।

टॅग्स :IITबिहारBihar
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