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बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने 'हलाल मांस' बेचने वाले दुकानदार को हड़काया, हिंदुओं से की 'हलाल' की जगह 'झटका' मांस खाने की अपील, कर्नाटक पुलिस ने किया गिरफ्तार

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 3, 2022 17:47 IST

कर्नाटक के शिमोगा में बजरंग दल के पांच कार्यकर्ताओं द्वारा हलाल मांस बेचने वाले एक मुस्लिम दुकानदार पर हमला किये जाने के मामले में पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल बजरंग दल कार्यकर्ता राज्य में हिंदूओं को 'हलाल' की जगह 'झटका' मांस खाने की अपील कर रहे हैं।

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ठळक मुद्देशिमोगा में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता 'हलाल मांस के बहिष्कार' की अपील कर रहे हैं दक्षिणपंथी संगठन हिंदुओं से 'हलाल' की जगह 'झटका' मांस के प्रयोग की अपील कर रहे हैं'झटका मांस' का अर्थ है कि जानवर को एक झटके में मार देना ताकि बलि देने में पशु को कष्ट न हो

शिमोगा: कर्नाटक पुलिस ने शिमोगा जिले में बजरंग दल के पांच कार्यकर्ताओं को हलाल मांस बेचने वाले एक मुस्लिम कसाई पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शिमोगा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा 'हलाल मांस के बहिष्कार' के अभियान को तेज कर दिया गया है।

वहीं पुलिस ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को उस समय गिरफ्तार किया है जब मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कर्नाटक के लोगों से हिंदू नव वर्ष उगादी और 'होसा तडाकू' त्योहारों को शांति से मनाने की अपील की है।

उगादी के एक दिन बाद मनाए जाने वाले होसा तडाकू त्योहार में हिंदू मांसाहारी भोजन पसंद करते हैं और इस दौरान सामान्य रूप से मांस और चिकन पकाने की परंपरा निभाई जाती है।

यही कारण है कि  विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी संगठनों  ने हिंदुओं से हलाल मांस न खरीदने की अपील की है क्योंकि उनका मानना है कि मुसलमान हलाल मांस को पहले अल्लाह को पेश करते हैं। इस कारण 'बासी मांस' हिंदू देवी-देवताओं को चढ़ाने से उनका अपमान होगा।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के संबंध में शिमोगा के पुलिस अधीक्षक बी एम लक्ष्मी प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि गुरुवार 31 मार्च को भद्रावती शहर में दो घटनाएं हुईं। इनमें से एक होसमाने थाना क्षेत्र में हुआ जबकि दूसरी घटना पुराने शहर थाना क्षेत्र में हुई।

होसमाने थाना क्षेत्र में पांच लोगों ने एक मुसलमान की दुकान पर जाकर गैर हलाल मांस की मांग की और उसके द्वारा देने से इनकार करने पर लोगों ने उसकी दुकान बंद कर दी। एसपी बी एस लक्ष्मी प्रसाद ने कहा कि आरोपियों ने दुकान में एक लड़के को थप्पड़ भी मारा।

वहीं दूसरी घटना ओल्ड टाउन थाने में दर्ज की गई। जहां कुछ लोगों ने जनता होटल में जाकर मालिक से हलाल मीट न बेचने की बात कही। अधिकारी ने बताया कि जब एक ग्राहक ने पूछताछ की तो उसके साथ मारपीट की गई।

पुलिस अधीक्षक प्रसाद ने कहा, "दोनों मामलों में आरोपी एक ही थे और उन्हें घटना के लिए नामजद किया गया है। गिरफ्तार किये गये लोगों में वडिवेलु, श्रीकांत, कृष्णा, सवाई सिंह और गुंडा हैं।"

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मुख्यमंत्री बोम्मई ने हिंदू त्योहारों के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम बोम्मई ने कहा, "मैंने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि लोगों को कानून-व्यवस्था बिगाड़े बिना अपने त्योहारों को मनाने दिया जाए। और इसके साथ ही कानून-व्यवस्था के सख्त पालन का भी आदेश दिया गया है।"

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी संबंधित लोगों को बुलाकर शांति बैठकें की जा रही हैं और सभी जिले के उच्चाधिकारियों को आदेश दिया हया है कि वो त्योहारों का शांतिपूर्ण मनाने के लिए हर जरूरी प्रयास करें।

मुख्यमंत्री बोम्मई के द्वारा की जा रही शांति की अपील के बीच विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल शनिवार को भी हलाल मीट के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरा। विरोध प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों का कहना है कि हिंदुओं तो खाने में केवल 'झटका मांस' का ही उपयोग करना चाहिए।

'झटका मांस' का अर्थ है कि किसी भी जानवर को एक झटके में मार देना ताकि बलि दिये गये जानवर को बलि के समय ज्यादा कष्ट न उठाना पड़े। प्रचारकों ने हिंदू मांस विक्रेताओं को इस बात के लिए उत्साहित किया है कि वो अपनी दुकानों पर '100% झटका प्रमाणित' के साइन बोर्ड लगाए हैं।

इसके अलावा हिंदू संगठन 200 रुपये और उससे अधिक के मांस की खरीद पर दाम में 10 फीसदी की छूट और आउटलेट के आठ किलोमीटर तक मुफ्त होम डिलीवरी की पेशकश के लिए दुकानदारों को प्रेरित कर रहे हैं।

हिंदू कार्यकर्ता मंदिरों के बाहर उगादि प्रसाद चढ़ाने वाले पोस्टर और बैनर के साथ खड़े होकर हिंदुओं से अपील कर रहे हैं कि वे विशेष रूप से 'होसा तड़ाकू' के दौरान हलाल मांस का उपयोग न करें।

कर्नाटक में हिंदू संगठनों द्वारा चर्चों पर हमलों, कक्षाओं में बुरके पर प्रतिबंध लगाने और मंदिर मेलों में मुस्लिम व्यापारियों की दुकानों पर बैन लगाने के बाद अब हलाल मांस के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान से सांप्रदायिक तनाव में बारी वृद्धि देखने को मिल रही है। 

टॅग्स :बजरंग दलकर्नाटक हिजाब विवादबसवराज एस बोम्मई
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