लाइव न्यूज़ :

अयोध्या: पहली बारिश में ही रामपथ पर 13 गड्ढे, 6 इंजीनियर सस्पेंड, गुजरात की कंपनी को नोटिस जारी किया गया

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 29, 2024 11:19 IST

अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और अयोध्या के एक महत्वपूर्ण मार्ग, राम पथ पर धंसने की घटना ने इस तरह की मौसम स्थितियों के लिए शहर की बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को फिर से उजागर कर दिया है।

Open in App
ठळक मुद्देभारी बारिश के कारण अयोध्या में राम पथ पर कई गड्ढे हो गएउत्तर प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की हैछह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है

अयोध्या: भारी बारिश के कारण अयोध्या में राम पथ पर कई गड्ढे हो गए। अब इसकी गाज अधिकारियों पर गिरी है। राम पथ धंसने की घटना के मद्देनजर, उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जल निगम के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।  छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है और क्षेत्र में सिविल कार्य के लिए जिम्मेदार गुजरात स्थित एक फर्म को नोटिस जारी किया गया।  रामपथ निर्माण में 100 करोड़ से ज्यादा खर्च हुए थे। पहली बारिश में रामपथ पर 13 जगह गड्ढे हो गए थे।

निलंबित अधिकारियों में पीडब्ल्यूडी के तीन अधिकारी कार्यकारी अभियंता ध्रुव अग्रवाल, सहायक अभियंता अनुज देशवाल और कनिष्ठ अभियंता प्रभात पांडे शामिल हैं। जल निगम से, कार्यकारी अभियंता आनंद कुमार दुबे, सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार यादव और कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद शाहिद को आगे की जांच तक उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। 

अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और अयोध्या के एक महत्वपूर्ण मार्ग, राम पथ पर धंसने की घटना ने इस तरह की मौसम स्थितियों के लिए शहर की बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को फिर से उजागर कर दिया है। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता को सड़क धंसने का प्राथमिक कारण बताया है।

घटना पर राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया में न केवल इंजीनियरों को निलंबित करना शामिल है, बल्कि सिविल कार्यों में शामिल गुजरात स्थित फर्म की जिम्मेदारियों की गहन जांच भी शुरू करना शामिल है। अयोध्या में विशिष्ट बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में अपनी भूमिका के लिए पहचानी जाने वाली इस फर्म को निर्माण चरणों के दौरान बनाए रखी गई गुणवत्ता और मानकों के संबंध में स्पष्टीकरण प्रदान करने के लिए नोटिस दिया गया है।

अयोध्या में रामपथ जैसी महत्वपूर्ण जगह पर ऐसी घटना के कारण राज्य सरकार घेरे में है। विपक्ष हमलावर है और सरकार दबाव में है। हाल ही में अयोध्या में नए बने रेलवे स्टेशन की एक दीवार भी गिर गई थी। निर्माण में हुई अनियमितताओं के दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार ने प्रतिबद्ध होने की बात कही है।

टॅग्स :अयोध्याराम मंदिरउत्तर प्रदेशBJPयोगी आदित्यनाथ
Open in App

संबंधित खबरें

भारतUP: पंचायत चुनाव, ओबीसी आयोग, मेट्रो प्रोजेक्ट एवं अन्य मुद्दों को लेकर योगी मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले

भारत'नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए...प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे': एक कार्यक्रम में बोले यूपी सीएम योगी | VIDEO

क्राइम अलर्टउत्तर प्रदेश में वैन और ट्रक की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया

भारतअखिलेश यादव से मिले राजकुमार भाटी, सपा प्रमुख ने कहा- भाषा और आचरण में संतुलन-मर्यादा बनाए रखिए?, आपकी टिप्पणी से किसी वर्ग या व्यक्ति अपमानित ना हो?

भारतसीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?

भारत अधिक खबरें

भारतDelhi Traffic Update: दिल्ली वाले ध्यान दें! 19 मई को ट्रैफिक जाम से बचना है, तो इन रास्तों का करें इस्तेमाल

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई