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आंध्र सरकार ने कहा-ऑक्सीजन की कमी से 11 लोगों की मौत, अब 23 लोगों के परिजनों को मुआवजा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 27, 2021 21:42 IST

आंध्र प्रदेश सरकार ने श्रीवेंकट रामनारायण रुइया अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते दम तोड़ने वाले मरीजों को मुआवजा देने जा रही है। ये मरीज अस्पताल में कोविड-19 के संक्रमण के कारण भर्ती थे, जिनकी मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गई थी।

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ठळक मुद्देहादसे के दिन सरकार ने 11 मरीजों की मौत की पुष्टि की थी पत्र में डीएम ने स्वीकारा - 10 मई को 12 और मरीजों की ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा से मौत हुईभाजपा नेता ने सार्वजनिक किया डीएम का पत्र

आंध्र प्रदेश सरकार ने श्रीवेंकट रामनारायण रुइया अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते दम तोड़ने वाले मरीजों को मुआवजा देने जा रही है। ये मरीज अस्पताल में कोविड-19 के संक्रमण के कारण भर्ती थे, जिनकी मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गई थी। हालांकि उस वक्त सरकार ने 11 मरीजों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन अब उसने 23 मरीजों को मुआवजा देने जा रही है।  

तिरुपति के रुइया अस्पताल में 10 मई की रात को ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा आ गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने 11 मरीजों की मौत की पुष्टि की थी। चित्तूर के डीएम एम हरिनारायणन ने बताया था कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन को दोबारा भरने के कारण करीब पांच मिनट तक ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित हुई थी। 

12 और मरीजों की ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा से मौत

हालांकि उनके द्वारा 19 मई को भेजे गए एक पत्र में डीएम ने स्वीकार किया है कि 10 मई को 12 और कोविड-19 मरीजों की ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा के कारण मौत हो गई थी। इस पत्र को वरिष्ठ भाजपा नेता और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के पूर्व सदस्य जी भानुप्रकाश रेड्डी ने सार्वजनिक किया है। 

पत्र के जरिये सामने आई हकीकत

पत्र में डीएम ने लिखा है कि सरकार की ओर से 10 लाख की मुआवजा राशि इन 12 मृतकों के परिजनों को भी दी जाए। इसके बाद रेड्डी ने कहा कि हम पहले दिन से घटना में ज्यादा लोगों की मौत होने की बात कह रहे हैं। अब हमारे आरोप सही साबित हुए हैं। 

अस्पताल ने दी ये प्रतिक्रिया

इस बारे में डीएम की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन अस्पताल की विकास समिति के चेयरमैन बी चंद्रशेखर ने कहा कि सभी मृतकों की मौत ऑक्सीजन आपूर्ति में व्यवधान के कारण नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उस रात कुछ अन्य कोविड-19 मरीजों की मौत हुई, लेकिन उसका कारण कुछ और था। हालांकि जब कई मरीजों के परिजनों ने ऑक्सीजन आपूर्ति से मौत का दावा किया तो सरकार ने उनकी बातों को माना। 

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