लाइव न्यूज़ :

ओमीक्रोन के खतरे के बीच प्रयोगशालाओं ने कहा, ज्यादा नमूनों के जीनोम अनुक्रमण के लिए तैयार

By भाषा | Updated: December 20, 2021 21:15 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर दिल्ली में दो जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाओं के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उनके पास कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का पता लगाने के लिए अधिक संख्या में नमूनों को संभालने की क्षमता है।

दिल्ली में ओमीक्रोन के डर और कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि कोविड पॉजिटिव सभी नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाएगा।

उन्होंने एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा, “पिछले कुछ दिनों से शहर में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं। रविवार को ये 100 से ज्यादा थे। हमें नहीं पता कि यह किस तरह के कोविड मामले हैं, सामान्य या ओमीक्रोन स्वरूप के मामले हैं। इसलिए यह पता लगाने के लिए सभी संक्रमितों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।”

मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में ओमीक्रोन के हालात, उसके संभावित प्रभाव और उससे निपटने के कदमों पर चर्चा की गई।

दिल्ली में अभी तक कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के 24 मामले आए हैं जिनमें से 12 लोगों को अब तक छुट्टी दी जा चुकी है।

शहर में ओमीक्रोन का पहला मामला पांच दिसंबर को मिला था जब रांची निवासी एक व्यक्ति वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाया गया था। उसे अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

दिल्ली में जो जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाएं यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) और लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में हैं, उनका संचालन दिल्ली सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इस संबंध में एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हम हर हफ्ते 1000 नमूनों को संभाल सकते हैं। दैनिक मामलों में यद्यपि बीते कुछ दिनों में इजाफा हुआ है लेकिन फिलहाल प्रति हफ्ते 500 नमूनों की क्षमता का इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए, फिलहाल, हमारे पास पर्याप्त क्षमता है। जब जरूरत बढ़ेगी तो हम इसे दोगुना कर देंगे।”

एलएनजेपी अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशाला अब बड़ी संख्या में कोविड के नमूनों को संभालने में सक्षम है।

केजरीवाल ने जून में घोषणा की थी कि एलएनजेपी अस्पताल और यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान में कोरोना वायरस के स्वरूप की पहचान करने के लिए दो जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी।

इन प्रयोगशालाओं की स्थापना दिल्ली सरकार के कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निपटने के इंतजामों की प्रक्रिया का हिस्सा थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारRBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने 5.25% को रखा बरकरार; नहीं बढ़ेगी आपकी ईएमआई

भारतनहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

भारतDC vs GT, IPL 2026: फ्री होकर देखिए मैच, दिल्ली मेट्रो देर रात तक पहुंचाएंगी घर, DMRC ने बदली अपनी टाइमिंग

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें भारत में ईंधन की कीमतों को कितना मिलेगा फायदा

भारत अधिक खबरें

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब