लाइव न्यूज़ :

कोरोना से ठीक हो रहे लोगों में अब सामने आ रहे ‘बोन डेथ’ के मामले, मुंबई में मिले 3 मरीज

By वैशाली कुमारी | Updated: July 5, 2021 15:05 IST

कोरोना से रिकवर हो गए मरीजों में ब्लैक फंगस के बाद अब एवैस्कुलर नेक्रोसिस नाम की बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। इस बीमारी को बोन डेथ भी कहा जाता है।

Open in App
ठळक मुद्देजानकारी के मुताबिक अस्पताल में 40 से कम उम्र के तीन मरीज इस बीमारी के शिकार हो गए है डॉक्टर ने बताया कि स्टेरॉयड्स इस्तेमाल के 1-2 महीने बाद इस बीमारी के और मामले सामने आ सकते हैं बोन डेथ और ब्लैक फंगस के पीछे स्टेरॉयड के इस्तेमाल को वजह माना जा रहा है

नई दिल्ली:  COVID 19 के कम होते खतरे के बीच वायरस से संक्रमित मरीजों में नई तरह की बीमारियां देखने को मिल रही है जो चिंता का विषय है। कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों में ब्लैक फंगस के बाद अब एवैस्कुलर नेक्रोसिस नाम की बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। इस बीमारी को 'बोन डेथ' भी कहा जाता है।  इसमें शरीर के भीतर खून का संचार ठीक तरीके से न होने के कारण हड्डियां गलने लगती हैं।

मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में इस गंभीर बीमारी से ग्रसीत तीन मरीजों का पता चला है। इस बीमारी ने डॉक्टरों के सामने एक नई समस्या खड़ी कर दी है। बता दें की बोन डेथ और ब्लैक फंगस के पीछे स्टेरॉयड के इस्तेमाल को वजह माना जा रहा है। वहीं कोरोना संक्रमण से रिकवरी के लिए कई मरीजों को स्टेरॉयड्स दिए जाते हैं।

कोरोना से ठीक होने के दो महीने बाद 'बोन डेथ' के मामले

जानकारी के मुताबिक अस्पताल में 40 से कम उम्र के तीन मरीज इस बीमारी के शिकार हो गए है।  कोरोना से रिकवर होने के दो महीने बाद मरीजों में इस बोन डेथ के लक्षण मिले थे। मेडिकल डॉक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि तीनों मरीज डॉक्टर थे और उनमें सबसे पहले जांघ की हड्डी के दर्द की शिकायत मिली थी जिसकी जांच के बाद बोन डेथ बीमारी का पता चला है।

डॉक्टरों ने बताया कि जिन मरीजों में लंबे वक्त तक कोरोना के लक्षण रहे हैं और उनके इलाज में स्टेरॉयड्स का इस्तेमाल होता है, उनमें इस बीमारी के लक्षण हो सकते है। डॉक्टर ने बताया कि स्टेरॉयड्स इस्तेमाल के 1-2 महीने बाद इस बीमारी के और मामले सामने आ सकते हैं क्योंकि स्टेरॉयड्स का असर 5 से 6 महीने बाद दिखता है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए मरीजों को खुब स्टेरॉयड्स दिए गए हैं।

वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के खिलाफ बनाई गई टास्क फोर्स में शामिल डॉक्टर राहुल पंडित ने बताया कि इस बीमारी के लक्षणों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि स्टेरॉयड के अधिक इस्तेमाल से इस बीमारी का खतरा ज्यादा है। हम हालातों पर काबू पाने की पूरी कोशिश कर रहे है।

टॅग्स :मुंबईकोरोना वायरसकोरोना वायरस इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्रिकेटकौन थे अनिल गुरव?, दोस्तों के बीच ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम से थे मशहूर

क्राइम अलर्टबेकार तार को लेकर झगड़ा, हथौड़े से हमला कर प्रभु राउत ने पहाड़ी कुमार यादव को मार डाला, रोहित कुमार ने दी गवाही?, बिहार से मुंबई आए थे नौकरी करने?

क्राइम अलर्टप्यार के खिलाफ परिवार, प्रेमिका के परिवार ने बुलाया, पेड़ से बांधकर जमकर कूटा, मोबाइल-दोपहिया छीना, प्रेमी ज्ञानेश्वर कोकाटे ने फांसी लगाकर दी जान, पढ़िए सुसाइड नोट?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर