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अडाणी के मुंद्रा बंदरगाह से करीब 3000 किलो हेरोइन जब्त करने वाली एजेंसी के पास जब्ती का अधिकार नहीं, जानिए क्या है पूरी वजह...

By विशाल कुमार | Updated: December 11, 2021 09:05 IST

हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश में कहा गया है कि सीमा पार तस्करी और शुल्क चोरी के मामलों की जांच करने वाली डीआरआई के पास जब्ती करने का कोई अधिकार नहीं है।

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ठळक मुद्देअडाणी के मुंद्रा बंदरगाह से डीआरआई ने सितंबर में करीब 3000 किलो हेरोइन जब्त किया था।दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश में कहा कि डीआरआई के पास जब्ती करने का कोई अधिकार नहीं है।दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद एजेंसी द्वारा पिछले बरामदगी को सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

नई दिल्ली: खरबपति कारोबारी गौतम अडाणी के मुंद्रा बंदरगाह से जिस राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सितंबर में दो कंटेनरों से करीब 3000 किलो हेरोइन जब्त किया था के पास जब्ती करने का अधिकार नहीं है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश में कहा गया है कि सीमा पार तस्करी और शुल्क चोरी के मामलों की जांच करने वाली डीआरआई के पास जब्ती करने का कोई अधिकार नहीं है।

12 अक्टूबर के आदेश में एक रानी एंटरप्राइजेज से संबंधित एक मामले में कहा गया है कि डीआरआई अधिकारी सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत सामान और दस्तावेजों को जब्त नहीं कर सकते हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश कैनन इंडिया के मामले में डीआरआई के खिलाफ 9 मार्च के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए डीआरआई के कारण बताओ नोटिस जारी करने के अधिकार पर सवाल उठाया था कि वह सीमा शुल्क अधिकारी नहीं हैं। इस आदेश ने सीमा शुल्क अधिनियम के तहत डीआरआई को शक्तियों देने वाली एक सरकारी अधिसूचना को अमान्य कर दिया।

इसका मतलब है कि एजेंसी द्वारा पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस वैध नहीं हैं। इसी तरह दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद एजेंसी द्वारा पिछले बरामदगी को सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इससे कुछ मामले कमजोर हो जाएंगे जबकि अन्य खत्म हो जाएंगे।

डीआरआई ने हाल ही में लगभग 2,990 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है जो सितंबर में मुंद्रा बंदरगाह पर दो कंटेनरों में उतरी थी, जिन्हें खड़िया पाउडर या अर्ध-संसाधित खड़िया पत्थर घोषित किया गया था।

ये कंटेनर अफगानिस्तान से आए थे और इन्हें ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर लोड किया गया था। एजेंसी ने मामले की जांच के सिलसिले में करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है और फिलहाल मामला लंबित है।

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