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पूर्व पाक उच्चायुक्त का दावा- शोभा डे से लिखवाया कश्मीर में जनमत संग्रह पर आर्टिकल, लेखिका ने कहा- पाकिस्तान को अल्लाह बचाए!

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: August 13, 2019 20:49 IST

भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने दावा किया है कि उन्होंने भारतीय पत्रकार और लेखिका शोभा डे से कश्मीर में जनमत संग्रह को लेकर अखबार में आर्टिकल लिखवाया था। इस पर लेखिका ने पलटवार किया है।

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ठळक मुद्देभारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने पत्रकार और लेखिका शोभा डे को लेकर दावा किया है कि उन्होंने उनसे कश्मीर में जनमत संग्रह को लेकर आर्टिकल लिखवाया था।लेखिका शोभा डे ने अब्दुल बासित के बयान की निंदा की है और कहा कि उनकी हिम्मत कैसे हो सकती है किसी के लिए ऐसा बोलने की।

भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने लेखिका शोभा डे नाम लेते हुए कश्मीर के मसले पर एक विवादित बयान दिया है, जिस पर डे ने उनकी निंदा की है। दअसल, अब्दुल बासित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पत्रकार और लेखिका शोभा डे का नाम लेते हुए एक कश्मीर के मसले पर एक विवादित बयान देते देखे जा रहे हैं। अब्दुल बासित वीडियो में जो कुछ कहते दिखाई दे रहे हैं, उसका मतलब है कि वह कश्मीर में जनमत संग्रह कराने के लिए एक प्रोपेगैंडा चलाना चाहते थे।

वह कहते दिखाई दे रहे हैं कि ''हमने बुरहान वानी की शहादत के बाद देखा जिस तरह पैलेट गन्स का इस्तेमाल हुआ, इकोनॉमिक ब्लॉकेड हुआ, इकोनॉमी कश्मीर की बर्बाद करके रख दी लेकिन मेन लैंड इंडिया में एक शख्स भी नहीं है जोकि सही मायनों में कश्मीर का जिक्र कर सके.. वो भी मेन लैंड इंडिया, बल्कि मेरे लिए तो एक चैलेंज था कि मैं किस तरह से किसी इंडियन जर्नलिस्ट को ये कन्विंस करूं कि यार कोई अखबार में एक अच्छा सा आर्टिकल लिख दो...।'' 

पाकिस्तानी ब्लॉगर फरहान विर्क से बात करते हुए अब्दुल बासित आगे कहते हैं, ''एक खातून जो मुझे मिली.. बहुत प्रॉमिनेंट, शोभा डे.. शी रोट एन आर्टिकल.. उनसे मैंने मुलाकात की, समझाया, तो उन्होंने आर्टिकल में आखिरी सेंटेंस लिखा- नाउ दि टाइम हैज कम टू डिजल्व दिस इश्यु वन्स..।''

इस पर शोभा डे ट्वीट किया, ''अल्लाह हेल्प पाकिस्तान!'' समाचार एजेंसी एएनआई से शोभा डे ने कहा, ''वह "बहुत अपमानित और व्याकुल महसूस कर रही हैं कि जिसने 40 साल से ज्यादा वक्त की विश्वसनीयता और सकारात्मक पत्रकारिता पर अपना करियर बनाया, उसके बारे में वह (अब्दुल बासित) ऐसा कुछ कहने की हिम्मत कैसे कर सकता है।'' 

बता दें कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को भारत सरकार ने संसोधित कर दिया है। इसके बाद से पाकिस्तान हर मोर्चे पर अपनी बौखलाहट जाहिर कर रहा है। पाक पीएम इमरान खान इस मामले पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर ओर से उन्हें मायूसी हाथ लग रही है। फिलहाल पड़ोसी मुल्क की और से बयानबाजी का दौर जारी है। 

टॅग्स :धारा ३७०जम्मू कश्मीरपाकिस्तानइमरान खानमोदी सरकार
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