लाइव न्यूज़ :

नए कृषि कानूनः महाराष्ट्र के किसान को एमपी के व्यापारी से दिलवाई उपज की पूरी राशि

By एसके गुप्ता | Updated: November 18, 2020 19:59 IST

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकमत से विशेष बातचीत में कहा कि देश में कृषि सुधार और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए बनाए गए ये कानून निश्चित ही क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे, जिसका यह एक उदाहरण मात्र है।

Open in App
ठळक मुद्देमध्य प्रदेश के एक एसडीएम द्वारा किए गए फैसले से महाराष्ट्र के किसान को उसके हक की पूरी राशि मिली है।यह प्रदर्शन कुछ दल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं। लेकिन देश का किसान सब समझ रहा है।मेरा मानना है कि देश में किसानों की ओर से कहीं कोई प्रदर्शन नहीं है।

नई दिल्लीः नए कृषि कानून से महाराष्ट्र के एक किसान को मध्य प्रदेश  के व्यापारी से एसडीएम ने उपज की पूरी राशि का भुगतान कराया है। देश में कृषि सुधार के लिए लागू किए गए कानून के तहत यह पहला मामला है। 

उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम- 2020 के तहत मध्य प्रदेश के एक एसडीएम द्वारा किए गए फैसले से महाराष्ट्र के किसान को उसके हक की पूरी राशि मिली है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकमत से विशेष बातचीत में कहा कि देश में कृषि सुधार और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए बनाए गए ये कानून निश्चित ही क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे, जिसका यह एक उदाहरण मात्र है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री खुद नए बिल को लेकर चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि देश में किसानों की ओर से कहीं कोई प्रदर्शन नहीं है। यह प्रदर्शन कुछ दल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं। लेकिन देश का किसान सब समझ रहा है।

नए कानूनी प्रावधान होने के बाद एक महत्वपूर्ण प्रकरण में महाराष्ट्र के भटाने (तहसील शिरपुर, जिला धुले) निवासी किसान जितेंद्र पिता कत्थू भोई को मध्य प्रदेश के खेतिया (जिला बड़वानी) निवासी व्यापारी श् सुभाष पिता बाबूलाल से पानसेमल (बड़वानी) के एसडीएम ने उसके द्वारा बेची गई मक्का की धनराशि दिलाई है।

कृषक जितेंद्र ने 270.95 क्विंटल मक्का व्यापारी सुभाष को बेची थी। इसके बदले क्रेता व्यापारी द्वारा किसान को 3,32,617 रुपए का भुगतान नहीं करने पर किसान ने कृषक उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अध्यादेश- 2020 के अंतर्गत एसडीएम को उसे राशि भुगतान कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। नए कानून से संबंधित केस होने से इसमें बडवानी कलेक्टर ने भी दिशा-निर्देश दिए और किसान को व्यापारी से उसकी कृषि उपज का पूरा भुगतान कराया गया।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, किसानों की आय बढ़ाने एवं उनके जीवन स्तर में बदलाव लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूरगामी सोच के अनुरूप नए कृषि कानून लागू किए हैं। जिनके माध्यम से सिर्फ और सिर्फ किसानों के हितों का संरक्षण किया गया है। 

इसमें किसान और व्यापारी के बीच विवाद होने पर एसडीएम को तय 30 दिनों के अंदर किसान हित में फैसला सुनाना है। अगर गलती किसान की है तो भी किसान को उसकी जमीन बेचे बिना व्यापारी को भुगतान करने के लिए समय देने की छूट दी गई है। 

टॅग्स :नरेन्द्र सिंह तोमरनरेंद्र मोदीपंजाबकिसान विरोध प्रदर्शनमहाराष्ट्रमध्य प्रदेशकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

क्राइम अलर्टTwisha Sharma Death Case: 10000 रुपये इनाम की घोषणा, फरार वकील-पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी, वीडियो

क्राइम अलर्ट29 वर्षीय पंजाबी गायिका यशविंदर कौर की कथित अपहरण के छह दिन बाद मिली डेड बॉडी

ज़रा हटकेहेमा मालिनी ई-ऑटो से पहुंचीं मीटिंग में, हूटर बजाते हुए निकला ऑटो, वीडियो वायरल

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज