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बस ऐसी ही बैठे-बैठे आप भी हिलाते है पैर तो हो जाइए सावधान, जानें क्या है रेस्टलेस सिंड्रोम की समस्या-लक्षण और उपचार

By आजाद खान | Updated: December 28, 2022 18:19 IST

जानकारों की माने तो इस समस्या में पैरों में झंझनाहट होती है जिसे इस परेशानी का मुख्य कारण माना जाता है। इसके अलावा इन लोगों को उनके पैरों में जलन, खुजली और दर्द जैसे लक्षण भी देखने को मिलते है।

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ठळक मुद्देबार-बार पैर हिलाने की समस्या को रेस्टलेस सिंड्रोम कहा जाता है। यह समस्या काफी गंभीर है जो आयरन की कमी के कारण होता है। ऐसे में इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए आपको आयरन वाली डाइट का इस्तेमाल करना चाहिए।

Health Tips: आप अकसर ऐसे लोगों को देखे होंगे जो बिना बात के पैर हिलाते रहते है। ऐसे शख्स चाहे कहीं भी हो या किसी भी जगह बैठे हो. ये वहीं पैर हिलाना शुरू कर देते है। सामान्य रूप से अगर कोई पैर हिलाता है तो ये आम बात है, लेकिन अगर कोई बार-बार और ज्यादा मरतबा अपना पैर हिलाता है तो यह एक गंभीर समस्या है। 

इस समस्या को रेस्टलेस सिंड्रोम कहते है और इस पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो जाता है। ऐसे में आइए जानते है कि यह समस्या असल में है क्या और इसके क्या लक्षण है। यही नहीं हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि इस परेशानी से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए। 

क्या है यह रेस्टलेस सिंड्रोम?

जब कोई शख्स बैठे-बैठे या फिर किसी भी काम में वह अपना पैर हिलाता है तो उसके शरीर से डोपामाइन हॉर्मोन रिलीज होता है जिससे उसे काफी अच्छा लगता है और वह इसे आदत बना लेता है। इस समस्या को स्लीप डिसऑर्डर भी कहते हैं, ऐसा इसलिए जब आपकी नींद भी पूरा नहीं होता है तो यह समस्या लोगों में देखी जाती है। 

रेस्टलेस सिंड्रोम होने का क्या है कारण?

जानकारों की माने तो लोगों में यह समस्या आयरन की कमी के कारण होती है। यही नहीं जिन लोगों में बढ़ते वजन और नींद में कमी देखी गई है उनमें भी यह समस्या पाई जाती है। यही नहीं फिजिकल एक्टिविटी में कमी और मादक पदार्थों के सेवन के कारण यह समस्या जन्म लेती है। 

क्या है इसके लक्षण?

आपके पैरों में झंझनाहट का होना ही इस समस्या का सबसे मुख्य लक्षण है। इसके साथ पैरों में जलन, खुजली और दर्द भी इसके लक्षण में शामिल हो सकते है। 

कैसे करें इस परेशानी से बचाव

इस समस्या से बचाव करना कोई कठिन कार्य नहीं है। अगर आपमें यह समस्या कम दिखता है तो इसे आप खुद से कुछ उपचार कर आप बहुत ही आसानी से ठीक कर सकते हो। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस समस्या से बचाव करने के लिए लोगों को हर रोज कम से कम आठ घंटे की नींद लेनी होगी। 

यही नहीं आप नियमित रूप से व्यायाम और स्ट्रेचिंग भी आप कर सकते है जिससे आपको इस परेशानी से मुक्ति मिल सकती है। इसके साथ आप अपने डाइट पर भी ध्यान दें और उन चीजों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें जिसमें आयरन की मात्रा ज्यादा हो। ऐसे में सरसों, पालक और चुकंदर की ज्यादा सेवन करें। 

इसके अलावा आप कैफीन युक्त पदार्थ, धूम्रपान और शराब से दूर ही रहें और ज्यादा से ज्यादा हेल्थी चीजें ही खाएं जिससे आप हेल्थ रह सके। 

 (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Lokmat Hindi News इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टरों से जरूर संपर्क करें।)

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