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इस बसंत पंचमी मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए घर पर बनाएं पीले रंग की मिठाईयां

By मेघना वर्मा | Updated: January 22, 2018 09:01 IST

मीठे चावल, पारंपरिक भारतीय मिठाई है जो कि खासतौर पर मां सरस्वती की पूजा के लिए बनाए जाते हैं। खोए/ मावा, शक्कर, सूखे मेवे, और केसर की भीनी-भीनी खुशबू लिए यह चावल बहुत स्वादिष्ट होते हैं।

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माघ महीने की पंचमी को मनाई जाने वाली बसंत पंचमी में मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। मां सरस्वती ज्ञान की देवी हैं इसीलिए यह त्यौहार स्कूलों में भी मनाया जाता है। छोटे बच्चों को इस पवित्र दिन पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा भी कहते हैं।

देवी को पीला रंग प्रिय है इसलिए इसदिन लोग किसी ना किसी रूप में पीले कपड़े पहनना पसंद करते हैं। देवी की पूजा के भोग के लिए भी पीली मिठाई, और खासतौर पर पीले मीठे चावल बनाने की परंपरा रही है। आज हम आपको ऐसे ही पीले मीठे व्यंजन के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप इस पंचमी को बनाकर मां सरस्वती को भोग लगा सकते है।

बेसन के लड्डू

बेसन के लड्डू उत्तर भारत की एक सदाबहार और बहुत ही लोकप्रिय मिठाई है। बेसन के लड्डू बनाना बहुत आसान है। इसे बनाने के लिए बेसन को देशी घी में भूना जाता है। चूकी मां सरस्वती को पीला रंग प्रिय है, इसलिए बसंत पंचमी के दिन आपको सभी पूजा पंडालों में बेसन के लड्डू जरूर दिखेंगे। 

मूँग की दाल का हलवा

मूँग की दाल का हलवा बहुत ही पारंपरिक मिठाई है। जाड़े के मौसम में भारत में तीज त्यौहार, शादियों आदि में मूँग दाल हलवा बहुत चाव से बनता है। यह हलवा स्वादिष्ट होता है और यह जल्दी भी बन जाता है।

रवा केसरी/केसरिया सूजी का हलवा

रवा केसरी सूजी का केसरिया हलवा है। सूजी के हलवे को भारत के अलग अलग प्रांतों में अलग अलग तरीके से बनाया जाता है । जैसे कि उत्तर भारत में जहां हम सूजी को एकदम लाल होने तक भूनते हैं और हलवा भी लाल ही होता है वहीं गुजरात में हल्की सूजी भूनकर इसे दूध में पकाकर हलवा बनाया जाता है। दक्षिण भारत में रवा केसरी बनाने का चलन है। पारम्परिक रूप से बनायें तो इस हलवे में काफी घी होता है।

केसरिया मीठे चावल

मीठे चावल, पारंपरिक भारतीय मिठाई है जो कि खासतौर पर मां सरस्वती की पूजा के लिए बनाए जाते हैं। खोए/ मावा, शक्कर, सूखे मेवे, और केसर की भीनी-भीनी खुशबू लिए यह चावल बहुत स्वादिष्ट होते हैं। इनको केसरिया चावल भी कहते हैं। मीठे चावल को बनाने की कई विधियां हैं। 

शाही फिरनी

फिरनी को मोटे पिसे चावल को दूध में पकाकर बनाया जाता है। फिरनी काफी कुछ खीर के जैसे ही होती है लेकिन यह बहुत ही कम समय में बन जाती है। फिरनी में बादाम और पिस्ता के साथ केसर की खुश्बू और इलायची का स्वाद भी होता है।

मकई का हलवा

मकई का हलवा गुजरात और राजस्थान की खासियत है। गुजराती-राजस्थानी थाली में अक्सर भुट्टे का हलवा परोसा जाता है जो खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है। आप भी इस बसंत पंचमी बनाइये मकई का हलवा। 

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