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रोहित शेखर की मौत पर पत्नी से पूछताछ कर रहा है क्राइम ब्रांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने की हुई थी पुष्टि

By आदित्य द्विवेदी | Updated: April 20, 2019 12:35 IST

दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस उनकी पत्नी अपूर्वा से पूछताछ कर रहा है।

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ठळक मुद्देरोहित शेखर तिवारी की मौत गला दबाने या मुंह एवं नाक बंद करने के चलते दम घुटने से हुई. रोहित के पिता नारायण दत्त तिवारी की पिछले साल 18 अक्तूबर को मृत्यु हो गई थी. रोहित 2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत गला दबाने या मुंह एवं नाक बंद करने के चलते दम घुटने से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. इस प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। शनिवार को क्राइम ब्रांच के अधिकारी रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा से पूछताछ कर रहे हैं। सबसे पहले अपूर्वा ने ही रोहित शेखर को अचेत अवस्था में कमरे में देखा था और आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया था। 

गौरतलब है कि रोहित शेखर तिवारी की मंगलवार को मौत हो गई थी. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) विजय कुमार ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी निवासी रोहित को शाम करीब पांच बजे अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

एम्स फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि गला दबाने या मुंह और नाक बंद करने के चलते दम घुटने से मौत हुई है. यह हत्या की श्रेणी में आता है. पुलिस के अनुसार यह मामला अपराध शाखा के पास भेज दिया गया है.  रोहित 2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे और उन्होंने हाल ही में संकेत दिया था कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. गौरतलब है कि रोहित के पिता नारायण दत्त तिवारी की पिछले साल 18 अक्तूबर को मृत्यु हो गई थी.

परिजनों ने पुलिस को जो जानकारी दी उसके अनुसार रोहित अपने कमरे में सोए हुए थे. कुछ समय बाद पत्नी अपूर्वा ने देखा कि उनके शरीर में कोई हरकत नहीं है. उनके हाथ और पैर ठंडे हो गए थे. उसके बाद आनन-फानन में रोहित शेखर को अस्पताल ले जाया गया. चिकित्सकों के अनुसार उन्हें मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था.

आपको बता दें कि लंबी कानूनी लड़ाई  नारायण दत्त तिवारी का बेटा कहलाने के लिए रोहित को कानूनी संघर्ष करना पड़ा था. रोहित ने दावा किया था कि एन. डी. तिवारी उनके जैविक पिता हैं और इसे साबित करने के लिए उन्होंने साल 2008 में मुकदमा दायर किया था, जिस पर कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया था. पहले तो तिवारी ने डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल देने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में इसके लिए तैयार हुए. साल 2012 में दिल्ली हाईकोर्ट ने रिपोर्ट का खुलासा करते हुए कहा था कि नारायण दत्त तिवारी दिल्ली निवासी रोहित शेखर के बायोलॉजिकल पिता हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा और एएनआई से इनपुट्स लेकर

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