लाइव न्यूज़ :

'बॉयज लॉकर रूम' केस में बड़ा खुलासा, लड़की ने 'सिद्धार्थ' नाम से फर्जी आईडी बनाकर की थी अपने ही गैंगरेप की बात

By पल्लवी कुमारी | Updated: May 11, 2020 08:56 IST

'''बॉयज लॉकर रूम'' नामक इस ग्रुप का इस्तेमाल अश्लील संदेशों तथा बच्चियों की छेड़छाड़ से तैयार की गई तस्वीरें सोशल मीडिया साइट पर शेयर करने के लिए किया जाता था। इंस्टाग्राम के अनुसार, बच्चियों की तस्वीरों वाली आपत्तिजनक सामग्री, जानकारी मिलने के तत्काल बाद प्लेटफार्म से हटा दी गई थी। 

Open in App
ठळक मुद्देबॉयज लॉकर रूम केस में पुलिस ने फिलहाल एडमिन और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। बॉयज लॉकर रूम मामले में पुलिस ने 27 लोगों के फोन जब्त किए हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली की साइबर क्राइम ने 'बॉयज लॉकर रूम केस में बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि जिस 'बॉयज लॉकर रूम' ग्रुप को लेकर इतना विवाद हुआ, जिसमें  नाबालिग लड़कियों की गैंगरेप की बात चल रही थी, वह गलत निकली। दिल्ली की साइबर सेल ने साफ किया है कि जिस गैंगरेप चैट को लेकर इतमा हंगामा हुआ वह चैट किसी लड़के ने की ही नहीं है। साइबर क्राइम के पुलिस उपायुक्त अनीश रॉय के मुताबिक, ''लड़की ने रियलटी चेक करने के लिए सिद्धार्थ नाम से फेक प्रोफाइल बनाकर स्नैपचैट पर लड़कों के बीच एंट्री की थी और लड़कों को रेप और दुष्कर्म जैसे अपराध का आइडिया दिया था।''

हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर क्राइम के पुलिस उपायुक्त अनीश रॉय ने कहा, लड़की ने स्नैपचैट पर लड़कों की नीयत और नजरिया जानने के लिए एक फेक अकाउंट बनाया था। वह लड़कों की प्रतिक्रिया देखना चाहती थी कि अगर उन्हें कोई रेप या यौन शोषण जैसी अपराध का आइडिया देता है तो वह क्या कहते हैं। इसलिए लड़की ने 'सिद्धार्थ' नाम से फर्जी आईडी बनाई। उस फर्जी अकाउंट के सहारे लड़की ने एक-एक कर सारे लड़कों से बात की और उन्हें रेप का आइडिया दिया। 

पुलिस ने यह भी बताया कि ये चैट मार्च महीने की है, जो सिर्फ दो लोगों के बीच हुई थी। यह बातचीत किसी ग्रुप में नहीं की गई थी। गलती से यह स्क्रीनशॉट 'बॉयज लॉकर रूम' में की गई बातचीत के नाम से वायरल हो गया था। 

जानें कैसे वायरल हो गया पोस्ट 

पुलिस के मुताबिक, 'सिद्धार्थ' नाम से लड़की ने एक लड़के को अपने गैंगरेप की प्लानिंग सुझाई थी। लड़की ने फर्जी आईडी से जिस लड़के को मैसेज भेज वह भी नाबालिग है। फर्जी आईडी से सुझाए गए आइडिया में हिस्सा लेने से हालांकि लड़के ने मना कर दिया था और चैट को भी बंद कर दिया था। उस लड़के ने चैट का स्क्रीनशॉट अपने दोस्तों के ग्रुप में भेज दिया, जिसमें वह लड़की भी शामिल थी। लेकिन सिर्फ लड़की को ही पता था कि 'सिद्धार्थ' नाम का प्रोफाइल फर्जी है। दोस्तों में से एक ने स्क्रीनशॉट इंस्टाग्राम स्टोरी के तौर पर पोस्ट कर दिया जहां से यह सोशल मीडिया पर वह वायरल हो गया। 

पुलिस ने बॉयज लॉकर रूम मामले में  ग्रुप एडमिन और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है

पुलिस ने इस मामले में ग्रुप एडमिन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एक नाबालिग को भी पकड़ा है। उसके अलावा पुलिस उस ग्रुप के  24 सदस्यों, जिनमें 16 नाबालिग शामिल हैं, उनकी पहचान कर ली है। उनकी जांच की गई है, और उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। उनमें से कई दिल्ली-एनसीआर के प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ते हैं।

टॅग्स :दिल्ली पुलिसक्राइम न्यूज हिंदीरेपगैंगरेप
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

क्रिकेटअरुण जेटली स्टेडियम में DC बनाम MI मुकाबले के दौरान चीयरलीडर्स की रिकॉर्डिंग करते पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का जवान

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

क्राइम अलर्टएक वर्ष से शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की से रेप, 23 वर्षीय प्रियेस रंजन अरेस्ट, दहेज में मांगे 500000 रुपये

क्राइम अलर्ट अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

क्राइम अलर्टबिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या हुई 10, कई लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर