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बिहारः कोरोना से हुई मौत छिपाई!, संविदा पर बहाल कर्मियों ने किया खुलासा, जानें क्या है पूरा मामला

By एस पी सिन्हा | Updated: April 7, 2022 17:19 IST

बिहार के स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि कोरोना का आंकड़ा अभी भी छिपाया जा रहा है. ऐसा कर यह जताया जा रहा है कि कोविड समाप्ति के दौर पर है और हम लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.

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ठळक मुद्देस्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी. कोरोना पॉजिटिव केस कम दर्शाने का दवाब अधिकारियों द्वारा बनाया जाता है. आंकड़ा छुपाने के लिए ऊपर से दबाव दिया जाता था. 

पटनाः बिहार में कोरोनाकाल के दौरान संविदा पर बहाल कर्मियों को आंकडे़ छुपाने का दबाव दिया जाता था. सेवा से हटाए गए कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी.

इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य विभाग के एक षडयंत्र का खुलासा करते हुए कहा कि कोरोना पॉजिटिव केस कम दर्शाने का दवाब अधिकारियों द्वारा बनाया जाता है. आंकड़ा छुपाने के लिए ऊपर से दबाव दिया जाता था. यहां उल्लेखनीय है कि राज्य स्वास्थ्य समिति ने कोरोनाकाल में जिन लोगों को अस्पतालों में बहाल किया था उन्हें अब मौखिक तौर पर हटाया जा रहा है.

आरटीपीसीआर, पीएमडब्लू ट्रामा सेंटर, एएनएम कर्मी जिनकी ड्यूटी वैक्सीनेशन और कोविड केयर में लगाई गई थी उन्हें अब हटाया जा रहा है. पूर्णिया के जीएमसीएच मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर में कार्यरत राजीव ने बताया कि वे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से मिलकर अपनी समस्याएं रखने आए हैं. कई जिलों से भी कर्मी पटना पहुंचे हैं.

कई साथी जो पीएमडब्लू ट्रामा सेंटर मे रहते हैं, कई एएनएम कर्मी, जिनकी ड्यूटी वैक्सीनेशन और कोविड केयर में रहती है, वे भी मंत्री जी से मिलने आए हैं. राजीव ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति हरके तीन महीने पर एक्टेशन देती थी, जिसे सेवा विस्तार अवधि कहते हैं. इस बार जून तक सेवा अवधि का विस्तार किया गया है.

लेकिन मौखिक रूप से उन्हें काम नहीं करना का आदेश दिया जा रहा है. जब वे अस्पताल जाते हैं तो उन्हें काम करने से रोक जाता है. कर्मियों ने बताया कि जब कोविड और गाइडलाइन अभी खत्म नहीं हुआ है, तो फिर अधिकारी मनमानी करते हुए मौखिक रूप से हट जाने का निर्देश क्यों दे रहे हैं. 

स्वास्थ्य कर्मियों ने विभाग के षड्यंत्र का खुलासा करते हुए कहा कि कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट कम दिखाने के लिए अधिकारियों के द्वारा दवाब दिया जाता था. जब पूछा गया कि किस आधार पर ऐसा आरोप लगा रहे हैं तो कर्मियों ने कहा कि हमलोग रिपोर्टिंग करते हैं, वही सबसे बड़ा प्रमाण है.

स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि कोरोना का आंकड़ा अभी भी छिपाया जा रहा है. ऐसा कर यह जताया जा रहा है कि कोविड समाप्ति के दौर पर है और हम लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. कर्मियों का कहना है कि हमलोग को हटा देने से क्या कोरोना का खतरा कम हो जाएगा. हकीकत है कि कोरोना का आंकड़ा छिपाने के लिए ऊपर से दबाव दिया जाता है.

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