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हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी, यात्रा के दौरान भी करें इंटरनेट का इस्तेमाल, मिलेगा हाई स्पीड में वाई-फाई

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: March 3, 2020 08:24 IST

उड़ानों के दौरान जब लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच, ई-रीडर या कोई अन्य उपकरण फ्लाइट मोड या एयरप्लेन मोड पर लगा हो तो पायलट विमान में सवार यात्रियों को वाई-फाई के जरिये इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकता है.

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ठळक मुद्देदेश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है कि वह घरेलू विमानों में उड़ान के दौरान अब इंटरनेट की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.केंद्र सरकार ने विमान में उड़ान के दौरान वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं के उपयोग की अनुमति दे दी है.

देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है कि वह घरेलू विमानों में उड़ान के दौरान अब इंटरनेट की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. केंद्र सरकार ने विमान में उड़ान के दौरान वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं के उपयोग की अनुमति दे दी है. देश के विमानन कानूनों के अनुसार अब तक विमान में उड़ान के दौरान लैपटॉप, स्मार्टफोन, ई रीडर, स्मार्टवॉच या टैबलेट जैसे इलाक्ट्रानिक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक थी. अब संबंधित नियमों में बदलाव कर इनके एवं इंटरनेट के उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया गया है.नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी कर विमान अधिनियम, 1937 में बदलाव किया है. अधिसूचना में कहा गया है, 'उड़ानों के दौरान जब लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच, ई-रीडर या कोई अन्य उपकरण फ्लाइट मोड या एयरप्लेन मोड पर लगा हो तो पायलट विमान में सवार यात्रियों को वाई-फाई के जरिये इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकता है.'

यह सेवा उस समय के लिए पायलट द्वारा स्थगित की जा सकती है जब मौसम खराब हो और विजिबिलिटी बहुत कम हो. अभी है इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक देश में अभी विमान की उड़ान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक है. विमान रवाना होने के पूर्व ही विधिवत उद्घोषणा कर यात्रियों को आगाह कर उनसे इसे बंद करने या फ्लाइट मोड में डालने को कहा जाता था.

एयरक्राफ्ट कानून 1937 के रूल 29बी के तहत यह नियम बनाया गया था कि कोई भी यात्री या पायलट फ्लाइट में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेगा.अब मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत सब रूल 1 के आधार पर पायलट इन कमांड इस सेवा को उपलब्ध करा सकता है. सिर्फ विमानों के लैंड करने या रन वे में जब तक हो तब तक इसकी सेवा नहीं देने की बात अधिसूचना में कही गई है.

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