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WEF ने कहा- भारत स्नोबॉल इफेक्ट का सामना कर रहा है, जानें इसका मतलब, निवेश-नौकरियों पर क्या होगा इसका असर?

By भाषा | Updated: May 26, 2023 12:26 IST

स्नोबॉल इफेक्ट का अर्थ है कि किसी एक घटना के कारण कई बड़ी घटनाओं का होना। इसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बड़ी होती जाएगी।

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ठळक मुद्देदुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में एक हैः WEFजब स्नोबॉल लुढ़कता है तो यह बड़ा और बड़ा होता जाता हैः WEFWEF के अध्यक्ष ब्रेंडे ने कहा, वृद्धि से अधिक निवेश, अधिक नौकरियां पैदा होंगी।

नयी दिल्लीः विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत इस साल सबसे तेज वृद्धि दर्ज कर सकता है और देश इस समय अर्थशास्त्र में प्रसिद्ध 'स्नोबॉल इफेक्ट' का सामना कर रहा है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंड ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में बहुत अधिक निवेश और बहुत अधिक नौकरियां पैदा होंगी।

स्नोबॉल इफेक्ट का क्या है अर्थ?

स्नोबॉल इफेक्ट का अर्थ है कि किसी एक घटना के कारण कई बड़ी घटनाओं का होना। इसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बड़ी होती जाएगी। ब्रेंडे ने कहा, ''भारत में हुए सुधारों से लाल फीताशाही कम हुई है, निवेश के लिए बेहतर माहौल मिला है और डिजिटल क्रांति भी तेजी से जारी है।''

दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में एक हैः WEF

उन्होंने आगे कहा कि वह भारत की आर्थिक वृद्धि के बारे में ''अत्य़धिक आशावादी हैं'', लेकिन वैश्विक वृद्धि को लेकर उनकी ऐसी राय नहीं है। भारत इस समय जी20 का अध्यक्ष है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में एक है। डब्ल्यूईएफ पिछले कई वर्षों से देश के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ''जब स्नोबॉल लुढ़कता है तो यह बड़ा और बड़ा होता जाता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ यही हो रहा है।''

ब्रेंडे ने पीटीआई-भाषा के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ''वृद्धि से अधिक निवेश, अधिक नौकरियां पैदा होंगी... आने वाले वर्षों में यह एक बहुत तेज वृद्धि होगी और आप एक ऐसी स्थिति देखेंगे जहां अत्यधिक गरीबी खत्म हो जाएगी। युवाओं के लिए अधिक अवसर होंगे।'' उन्होंने अपनी भारत यात्रा के दौरान अन्य लोगों के अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। 

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