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यूक्रेन संकट: 300 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं कच्चे तेल के दाम, रूस ने अमेरिका और यूरोप को चेतावनी दी

By विशाल कुमार | Updated: March 8, 2022 10:06 IST

यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच जहां कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है तो वहीं पश्चिमी सहयोगी देश रूस से तेल खरीदने पर भी पाबंदी लगाने पर विचार कर रहे हैं।

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ठळक मुद्देसोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं।नोवाक ने कहा कि रूसी तेल पर प्रतिबंध से वैश्विक बाजार के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे।नोवाक ने कहा कि यूरोपीय बाजार में रूसी तेल की जगह लेना असंभव होगा।

मॉस्को:  रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने सोमवार को चेतावनी दी कि रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध के विनाशकारी परिणाम होंगे और कच्चे तेल की कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।

बता दें कि, यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच जहां कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है तो वहीं पश्चिमी सहयोगी देश रूस से तेल खरीदने पर भी पाबंदी लगाने पर विचार कर रहे हैं।

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं और यह कीमत साल 2008 में आई वैश्विक मंदी के बाद सबसे अधिक है जब जुलाई, 2008 में कीमतें 147.5 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थीं।

रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार, नोवाक ने कहा कि रूसी तेल पर प्रतिबंध से वैश्विक बाजार के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे। कीमतों में उछाल अप्रत्याशित होगा और यदि अधिक नहीं तो 300 डॉलर प्रति बैरल से अधिक तक पहुंच जाएगा।

नोवाक ने कहा कि यूरोपीय बाजार में रूसी तेल की जगह लेना असंभव होगा। इसमें एक वर्ष से अधिक समय लगेगा और यह यूरोपीय उपभोक्ताओं के लिए बहुत अधिक महंगा होगा।

उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय राजनेताओं को तब ईमानदारी से अपने नागरिकों, उपभोक्ताओं को चेतावनी देनी चाहिए कि उनका क्या इंतजार है और गैस स्टेशनों पर, बिजली के लिए, हीटिंग के लिए कीमतें आसमान छू जाएंगी।

उन्होंने कहा कि अगर ऐसे प्रतिबंध लगाए गए तो नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन परियोजना पर रोक के बदले में रूस नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति रोक सकता है।

नोवाक ने कहा कि अभी तक हमने यह फैसला नहीं किया है। इससे किसी को फायदा नहीं होगा। हालांकि यूरोपीय राजनेता रूस के खिलाफ अपने बयानों और आरोपों से हमें इस ओर धकेल रहे हैं।

टॅग्स :रूस-यूक्रेन विवादक्रूड ऑयलरूसUSEuropean Union
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