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Union Budget 2025: 5000000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट?, सीतारमण और टीम के सामने ढेरों चुनौतियां, देखिए मुख्य बातें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 30, 2025 16:34 IST

Union Budget 2025: टीम में वित्त एवं राजस्व सचिव पांडेय, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ, व्यय सचिव मनोज गोविल, निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणिश चावला, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन शामिल हैं।

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ठळक मुद्देआर्थिक वृद्धि में कमी, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और उपभोग मांग में कमी शामिल है।वित्त वर्ष 2024-25 में आर्थिक वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। 2025-26 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने के राजकोषीय लक्ष्य पर कायम रहेगी।

Union Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय सहित प्रमुख अधिकारियों के साथ मिलकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट तैयार करने को अथक परिश्रम किया है। गौरतलब है कि सीतारमण इस बार लगातार 8वां आम बजट पेश करने के साथ इतिहास बनाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, इस बार के बजट में उन्हें कई चुनौतियों का समाधान करना होगा, जिसमें आर्थिक वृद्धि में कमी, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और उपभोग मांग में कमी शामिल है।

वित्त वर्ष 2024-25 में आर्थिक वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। यह 2019 में फैली कोविड महामारी के प्रकोप के बाद से सबसे कम वृद्धि है। वित्त मंत्री को 2025-26 के लिए बजट प्रस्तावों को तैयार करने में मदद वाली टीम में वित्त एवं राजस्व सचिव पांडेय, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ, व्यय सचिव मनोज गोविल, निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणिश चावला, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन शामिल हैं।

वित्त मंत्री और उनकी टीम के सामने सबसे कठिन काम राजकोषीय संयम को छोड़े बिना वृद्धि को बढ़ावा देना होगा। सरकार से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वह विभिन्न चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने के राजकोषीय लक्ष्य पर कायम रहेगी।

वित्त मंत्रालय में छह विभाग हैं - राजस्व, आर्थिक मामले, व्यय, वित्तीय सेवाएं, दीपम और डीपीई। मंत्रालय में सबसे वरिष्ठ नौकरशाह को वित्त सचिव के रूप में नामित किया जाता है। वित्त और राजस्व सचिव पांडेय अक्टूबर, 2019 से बजट बनाने की प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं, जब वह सचिव के रूप में दीपम में शामिल हुए थे। वह पिछले साल सितंबर में वित्त सचिव बने थे।

आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ वित्त मंत्रालय में दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने 2021 से अबतक चार बजट संभाले हैं। उनके विभाग के तहत आने वाला बजट प्रभाग बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया को संचालित करता है। व्यय सचिव मनोज गोविल मध्य प्रदेश कैडर के 1991 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और उन्होंने अगस्त, 2024 में व्यय विभाग का कार्यभार संभाला।

बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी अरुणीश चावला ने दिसंबर, 2024 में दीपम और डीपीई में कार्यभार संभाला। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की है। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू पर बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा में बढ़ोतरी, बढ़ती साइबर धोखाधड़ी से निपटने और बैंकिंग क्षेत्र की सेहत में आगे और सुधार का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन आम बजट 2025-26 से एक दिन पहले अपनी तीसरी आर्थिक समीक्षा पेश करेंगे। नागेश्वरन को जनवरी, 2022 में सरकार ने सीईए बनाया था। 

टॅग्स :बजट 2025निर्मला सीतारमणनरेंद्र मोदीबजट 2024
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