लाइव न्यूज़ :

'रुपया कमजोर नहीं हो रहा, इसका प्रदर्शन काफी अच्छा...डॉलर मजबूत हो रहा है', रुपये की गिरावट पर बोलीं निर्मला सीतारमण

By विनीत कुमार | Updated: October 16, 2022 11:41 IST

रुपये की डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट पर निर्मला सीतारमण ने अमेरिका में कहा कि रुपया कमजोर नहीं हो रहा और इसे इसे ऐसे देखना चाहिए कि डॉलर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी मार्केट करेंसी देखें तो डॉलर की तुलना में रुपया काफी अच्छा कर रहा है।

Open in App

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रुपये ने अन्य उभरती बाजार मुद्राओं की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। वित्त मंत्री ने ये टिप्पणी उस समय की है जब लगातार रुपये का भाव डॉलर के मुकाबले गिर रहा है। रुपया हाल में 82.69 के सर्वकालिक निचले स्तर तक गिर गया था। गिरावट के बारे में बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसा डॉलर के मजबूत होने के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि रुपया कमजोर नहीं हो रहा है।

निर्मला सीतारमण ने वॉशिंगटन में कहा, 'रुपया कमजोर नहीं हो रहा, हमें इसे ऐसे देखना चाहिए कि डॉलर मजबूत हो रहा है। लेकिन दूसरी मार्केट करेंसी देखें तो रुपया डॉलर की तुलना में काफी अच्छा कर रहा है।'

वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा था कि बहुत अधिक अस्थिरता न हो, और इसलिए भारतीय मुद्रा के मूल्य को फिक्स करने के लिए बाजार में हस्तक्षेप नहीं कर रहा था।

गिरावट से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों पर निर्मला सीतारमण ने कहा, तो जाहिर है, अन्य सभी मुद्राएं भी अमेरिकी डॉलर की मजबूती के सामने प्रदर्शन कर रही हैं। यह तथ्य है कि भारतीय रुपया शायद इस अमरीकी डालर की दरों में बढ़ोतरी के सामने ठीक प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय रुपये ने कई अन्य उभरती बाजार मुद्राओं की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है।'

सीतारमण ने कहा, 'आरबीआई के प्रयास यह देखने के लिए अधिक हैं कि बहुत अधिक अस्थिरता नहीं हो, उसे रुपये के मूल्य को तय करने के लिए बाजार में हस्तक्षेप नहीं करना है। अस्थिरता को नियंत्रित करना ही एकमात्र प्रयास है जिसमें आरबीआई शामिल है और मैंने यह पहले भी कहा है रुपया अपना स्तर प्राप्त कर लेगा।'

सीतारमण ने कहा अमेरिकी डॉलर के लगातार महंगे होते जाने की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2022 से ही मुद्रास्फीति छह प्रतिशत के ऊपरी सहिष्णुता स्तर से ऊपर बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल की शुरुआत में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से उत्पन्न वैश्विक तनाव से शुरू होने वाले प्रतिकूल वैश्विक विकास से अवमूल्यन का ताजा दौर शुरू हुआ है।

टॅग्स :निर्मला सीतारमणडॉलर
Open in App

संबंधित खबरें

भारत40 लाख लखपति बाईदेवियों का सृजन?, ओरुनोदोई योजना के तहत 3000 रुपये?, भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे

विश्वबेलगाम राजा के खिलाफ जन हुंकार के मायने

कारोबारRBI के हस्तक्षेप के बावजूद, रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंचा

कारोबारदुनिया के सभी प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों की लोकप्रियता में पीएम मोदी की साख सबसे ऊपर?, सीतारमण ने संसद में दिया वैश्विक सर्वेक्षण हवाला?

कारोबारपश्चिम एशिया संकट: मार्च में 2.9 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन, 2,900 छापे और 1,200 सिलेंडर जब्त, मोदी सरकार ने तेज किए ईंधन और गैस की आपूर्ति प्रयास?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारiPhone जैसा Selfie? Realme 16 5G आया मार्केट में 7000mAh बैटरी, जानें फीचर्स

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: कहीं महंगा तो कहीं स्थिर; OMC ने दी 4 अप्रैल के पेट्रोल-डीजल रेट की अपडेट, पूरी लिस्ट यहां

कारोबारपश्चिम एशिया में 10,000 से अधिक कर्मचारी?, टाटा समूह ने सहायता योजना की शुरू

कारोबारGold Rate Today: 3 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,50,865 प्रति 10 ग्राम