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28,602 करोड़ रुपये निवेश और 40 लाख नौकरी!, खुरपिया, राजपुरा-पटियाला, दिघी, पलक्कड़, आगरा-प्रयागराज, गया, जहीराबाद, ओर्वकल-कोपर्थी, जोधपुर-पाली, हरियाणा होंगे स्मार्ट शहर

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 28, 2024 20:34 IST

Central Government: औद्योगिक शहर उत्तराखंड के खुरपिया, पंजाब के राजपुरा-पटियाला, महाराष्ट्र के दिघी, केरल के पलक्कड़, उत्तर प्रदेश के आगरा एवं प्रयागराज, बिहार के गया, तेलंगाना के जहीराबाद, आंध्र प्रदेश के ओर्वकल एवं कोपर्थी, राजस्थान के जोधपुर-पाली और हरियाणा में स्थित होंगे।

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ठळक मुद्देपरिकल्पना छह प्रमुख गलियारों के करीब रणनीतिक रूप से की गई है।आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने में एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाती हैं। परियोजनाओं से लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये की निवेश क्षमता भी पैदा होगी।

Central Government: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को 28,602 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 10 राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना को मंजूरी दी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में लिए गए इस अहम फैसले की जानकारी दी। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत 28,602 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 12 नए परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

ये औद्योगिक शहर उत्तराखंड के खुरपिया, पंजाब के राजपुरा-पटियाला, महाराष्ट्र के दिघी, केरल के पलक्कड़, उत्तर प्रदेश के आगरा एवं प्रयागराज, बिहार के गया, तेलंगाना के जहीराबाद, आंध्र प्रदेश के ओर्वकल एवं कोपर्थी, राजस्थान के जोधपुर-पाली और हरियाणा में स्थित होंगे। इन औद्योगिक शहरों की परिकल्पना छह प्रमुख गलियारों के करीब रणनीतिक रूप से की गई है।

ये परियोजनाएं भारत की विनिर्माण क्षमताओं और आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने में एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाती हैं। यह कदम देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र एवं शहरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा जो आर्थिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा। इन शहरों को वैश्विक मानकों के नए स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा।

ये शहर उन्नत बुनियादी ढांचे से लैस होंगे जो टिकाऊ और कुशल औद्योगिक संचालन का समर्थन करते हैं। एनआईसीडीपी से रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन शहरों के गठन से करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार और नियोजित औद्योगिकीकरण के माध्यम से 30 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं से लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये की निवेश क्षमता भी पैदा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी सराहना करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत 12 औद्योगिक क्षेत्रों/ शहरों के निर्माण का एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के अलावा यह वृद्धि को तेजी देगा और कई लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा।’’

इन औद्योगिक शहरों की स्थापना की परिकल्पना वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में पेश की गई थी। बजट में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में देश के 100 शहरों में या उसके आसपास ‘प्लग एंड प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की गई थी। इस तरह के आठ औद्योगिक शहर पहले से ही कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

चार शहरों- धोलेरा (गुजरात), ऑरिक (महाराष्ट्र), विक्रम उद्योगपुरी (मध्य प्रदेश) और कृष्णपट्टनम (आंध्र प्रदेश) में उद्योगों के लिए भूमि आवंटन का काम चल रहा है। इनके अलावा कर्नाटक के तुमकुरु, आंध्र प्रदेश के कृष्णपट्टनम, हरियाणा के नांगल चौधरी और उत्तर प्रदेश के दादरी (ग्रेटर नोएडा) में सरकार की विशेष इकाई (एसपीवी) सड़क संपर्क, पानी और बिजली आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया में है। देश में 12 नए औद्योगिक शहरों की स्थापना की घोषणा के साथ इस तरह के शहरों की कुल संख्या 20 हो जाएगी।

इस कदम से देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाने और रोजगार सृजन में मदद मिलने का अनुमान है। इन परियोजनाओं पर 28,602 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश में भूमि की लागत भी शामिल है, जो लगभग 11,000 करोड़ रुपये है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि इन परियोजनाओं के अगले तीन वर्षों में पूरा हो जाने की उम्मीद है।

गोयल ने कहा, ‘‘इन क्षेत्रों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इन्हें वैश्विक मानकों के नए स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि इन औद्योगिक शहरों में बहुस्तरीय संपर्क अवसंरचना विकसित की जाएगी ताकि लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

भारत को वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में मजबूत स्थिति में लाकर एनआईसीडीपी तत्काल आवंटन के लिए तैयार विकसित भूमि के टुकड़े मुहैया कराएगा। इससे घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भारत में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करना आसान हो जाएगा। गोयल ने कहा, ‘‘निवेशकों को इन क्षेत्रों में आसानी से जमीन मिल सकेगी। हमने पहले ही बुनियादी पर्यावरणीय मंजूरी ले ली है। प्रमुख (एंकर) निवेशकों को छूट भी मिलेगी।’’ 

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