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देश के औद्योगिक उत्पादन में बंपर वृद्धि, जुलाई में बढ़कर पांच महीने के उच्चस्तर 5.7 प्रतिशत पर

By भाषा | Updated: September 12, 2023 20:49 IST

खनन उत्पादन जुलाई महीने 10.7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 3.3 प्रतिशत बढ़ा था। उपयोग आधारित वर्गीकरण के तहत पूंजीगत वस्तुओं के खंड में आलोच्य महीने में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले इसी माह में इसमें 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

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ठळक मुद्देदेश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में जुलाई महीने में 5.7 प्रतिशत की वृद्धिखनन उत्पादन जुलाई महीने 10.7 प्रतिशत बढ़ाविनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में इस साल जुलाई में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई

नई दिल्ली:  विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में जुलाई महीने में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह पांच महीने का उच्चस्तर है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिकी उत्पादन पिछले साल जुलाई महीने में 2.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। इससे पहले, फरवरी, 2023 में औद्योगिक उत्पादन सर्वाधिक छह प्रतिशत की दर से बढ़ा था। उसके बाद मार्च में वृद्धि दर कम होकर 1.9 प्रतिशत रही।

अप्रैल में यह सुधरकर 4.6 प्रतिशत, जबकि मई में और बढ़कर 5.3 प्रतिशत रही थी। यह जून में फिर घटा और वृद्धि दर 3.8 रही। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के पहले चार महीनों अप्रैल-जुलाई में आईआईपी वृद्धि 4.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी अवधि में 10 प्रतिशत थी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘मार्च, 2020 के बाद कोविड-19 महामारी के कारण परिस्थतियां आसामान्य थीं। इसको ध्यान में रखते हुए पिछले साल की तुलना में औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि का विश्लेषण करना चाहिए।’ आईआईपी आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में इस साल जुलाई में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक साल पहले इसी माह में 3.1 प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन में जुलाई महीने में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले इसी माह में इसमें 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

खनन उत्पादन जुलाई महीने 10.7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी माह में इस क्षेत्र का उत्पादन 3.3 प्रतिशत बढ़ा था। उपयोग आधारित वर्गीकरण के तहत पूंजीगत वस्तुओं के खंड में आलोच्य महीने में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले इसी माह में इसमें 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता सामान के उत्पादन के मामले में वृद्धि दर आलोच्य महीने में बढ़कर 7.4 प्रतिशत रही।

एक साल पहले इसी महीने में इसमें 2.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी। बुनियादी ढांचा/निर्माण वस्तुओं के उत्पादन में इस साल जुलाई महीने में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बीते वर्ष इसी माह में इसमें 4.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन आलोच्य महीने में 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा जबकि एक साल पहले इसी महीने में वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत थी। मध्यवर्ती वस्तुओं का उत्पादन जुलाई महीने में 1.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 

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