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GST Council Meeting: जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर वरिष्ठ नागरिकों को तोहफा?, प्रीमियम को कर मुक्त किया जाएगा, जानें असर

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 19, 2024 18:29 IST

GST Council Meeting: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, मेघालय, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना के मंत्री शामिल हैं।

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ठळक मुद्देसंबंध में अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा लिया जाएगा।जीवन बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। 13 सदस्यीय मंत्री समूह गठित करने का निर्णय लिया था।

GST Council Meeting: सावधि जीवन बीमा तथा वरिष्ठ नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम को कर मुक्त किया जा सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी दर पर निर्णय लेने के लिए मंत्री समूह की शनिवार को बैठक हुई। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों के लिए पांच लाख रुपये तक के कवरेज वाले स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा लिया जाएगा।

पांच लाख रुपये से अधिक के स्वास्थ्य बीमा कवरेज के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता रहेगा। इस समय सावधि पॉलिसी और ‘फैमिली फ्लोटर’ पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए जीवन बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। एक अधिकारी ने कहा, “जीओएम के सदस्य बीमा प्रीमियम पर दरों में कटौती के लिए व्यापक रूप से सहमत हैं।

अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा लिया जाएगा।” बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “मंत्रिसमूह का हर सदस्य लोगों को राहत देना चाहता है। वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हम परिषद को एक रिपोर्ट सौंपेंगे। अंतिम निर्णय परिषद द्वारा लिया जाएगा।” हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम पर कोई जीएसटी नहीं लग सकता है, भले ही कवरेज राशि कितनी भी हो। जीएसटी परिषद ने पिछले महीने अपनी बैठक में स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर कर के बारे में निर्णय लेने के लिए 13 सदस्यीय मंत्री समूह गठित करने का निर्णय लिया था।

चौधरी मंत्री समूह के संयोजक हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, मेघालय, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना के मंत्री शामिल हैं। मंत्री समूह को अक्टूबर के अंत तक परिषद को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था। 

टॅग्स :GST CouncilएलआईसीLICHealth and Family Welfare Department
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