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आत्मनिर्भर भारत पैकेज: खेती-किसानी के लिए 1 लाख करोड़ रुपये, जानें निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें

By निखिल वर्मा | Updated: May 15, 2020 16:56 IST

आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बारह मई को 20 लाख करोड़ रुपये के भारी भरमक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है. वित्त मंत्री ने पिछले दो दिनों में राहत पैकेज के बारे में विस्तार से समझाया है.

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ठळक मुद्दे2 महीने में 6400 करोड़ रुपये फसल बीमा योजना के तहत दिए गए हैंलॉकाडाउन के दौरान पीएम किसान फंड में 18,700 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैः

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (15 मई) को आत्मनिर्भर भारत पैकेज तहत 11 उपायों की घोषणा की, इनमें से 8 बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक के निर्माण से संबंधित हैं, जबकि बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि कृषि का आधारभूत ढ़ांचा बनाने के लिए 1 लाख करोड़ की योजना लाई गई है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 74,300 करोड़ रुपये की कृषि उपज की खरीद की गई।

जानें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें

1. लॉकडाउन के दौरान दूध की डिमांड 20-25 पर्सेंट घट गई थी इसलिए उनका 11 करोड़ लीटर अतिरिक्त दूध की खरीद की गई.  4100 करोड़ रुपए खर्च किए गए.

2. छोटी फूड ईकाइयों को 10000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. बिहार में मखाना के क्लस्टर, केरल में रागी, कश्मीर में केसर, उत्तर प्रदेश में आम से जुड़े क्लस्टर बनाए जा सकते हैं.

3. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 20000 करोड़ रुपये मछली उत्पादन करने वालों को दिए जाएंगे. इससे मछली का अतिरिक्त उत्पादन होगा और 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.

4. 53 करोड़ पशुओं का टीकाकरण होगा. इसमें 13343 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा. 

5.  पशुपालन में भी देश के किसान पीछे नहीं है. पशुपालन में आधारभूत ढांचा खड़ा करने के लिए 15000 करोड़ रुपये फंड दिया गया है.

6. 10 लाख हेक्टेयर भूमि में हर्बल खेती की जाएगी. इसके लिए  4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे किसानों को 5 हजार करोड़ रुपए की आमदनी होगी.

7. मधुमक्खी पालकों के लिए 500 करोड़ रुपये का फंड है. इससे 2 लाख मधुमक्खी पालकों को फायदा मिलेगा.

8. खाद्य पदार्थों के सप्लाई चेन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

इससे अलावा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 1955 में बने आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। तिलहन, दलहन, आलू आदि जैसे उत्पादों को इसमें डि-रेग्युलेट किया जाएगा।

टॅग्स :आर्थिक पैकेजनिर्मला सीतारमणकोरोना वायरस लॉकडाउनप्रवासी मजदूरइकॉनोमीअनुराग ठाकुर
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