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ब्लॉग: लिज ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री, अब सामने खड़ी हैं ये बड़ी चुनौतियां

By वेद प्रताप वैदिक | Updated: September 7, 2022 09:31 IST

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ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं. उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार ऋषि सुनक को हराकर यह सर्वोच्च पद पाया है. वे पिछली बोरिस जाॅनसन सरकार में विदेश मंत्री रही हैं. ऋषि सुनक हारे जरूर हैं लेकिन उन्हें 43 प्रतिशत वोट मिल गए जबकि ट्रस को 57 प्रतिशत वोट मिले. 

सुनक अंग्रेज नहीं हैं. भारतीय मूल के हैं. उनके पिता गुजराती और मां पंजाबी हैं. इसके बावजूद उन्हें ट्रस के 81 हजार वोटों के मुकाबले 60 हजार वोट मिल गए, यह अपने आप में भारतीयों के लिए गर्व की बात है. जिस अंग्रेज ने भारत पर लगभग 200 साल राज किया, उसी अंग्रेज के सिंहासन तक पहुंचने का अवसर एक भारतीय को मिल गया.

सुनक का यह साहस ही था कि उन्होंने अपना इस्तीफा देकर बोरिस जॉनसन की सरकार को गिरवा दिया. वित्त मंत्री के तौर पर उन्हें काफी सराहना मिली थी लेकिन कई छोटे-मोटे विवादों ने उनकी छवि पर प्रश्नचिह्न भी उछाल दिए थे. यदि वे जीत जाते तो 21 वीं सदी की वह उल्लेखनीय घटना बन जाती लेकिन हारने के बावजूद उन्होंने जो बयान दिया है, उसमें आप भारतीय उदारता और गरिमा की झलक देख सकते हैं. 

उन्होंने ट्रस को बधाई दी है और कंजर्वेटिव पार्टी को एक परिवार की तरह बताया है. लिज ट्रस कैसी प्रधानमंत्री साबित होंगी, यह कहना मुश्किल है. अगले दो साल तक उनकी कुर्सी को कोई हिला नहीं सकता लेकिन 2024 के चुनाव में वे अपनी पार्टी को कैसे जिता पाएंगी, यह देखना है. वे जिस वक्त में प्रधानमंत्री बनी हैं, वह ऐसा खराब है, जैसा पिछले कई दशकों में नहीं रहा है. 

ब्रिटेन में महंगाई, बेरोजगारी, महामारी आदि की समस्याओं ने तो सिर उठा ही रखा है, उसकी अर्थव्यवस्था बिल्कुल डांवाडोल हो रही है. ट्रस का कहना है कि टैक्स घटाने में वे कोताही नहीं करेंगी लेकिन ब्रिटेन के कई मजदूर-संगठनों ने अभी से हड़तालों और प्रदर्शनों की घोषणा कर दी है.  

ऋषि सुनक की हार के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रस का स्वागत किया है. कोई आश्चर्य नहीं कि ट्रस-काल में ही भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो जाए. विदेश मंत्री की हैसियत में वे दो बार भारत आ चुकी हैं. ऋषि सुनक को पराजित करनेवाली अंग्रेज नेता को भारत के प्रति अतिरिक्त उदारता दिखाने में ही ज्यादा लाभ होगा.

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