हिंदी पत्नकारिता की बात करें तो हिंदी का पहला अखबार ‘उदंत मार्त्तड’ कलकत्ता से निकला था। स्वाधीनता की लड़ाई के दौर में अकबर इलाहाबादी ने कहा था, ‘जब तोप मुकाबिल न हो तो अखबार निकालो’। तिलक ने ‘मराठा’ एवं ‘केसरी’ नामक दो अखबारों से अंग्रेजों से विचारा
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हिंदी को भारत माँ की बिंदी के रूप में परिभाषित किया जाता है। हिंदी भाषा न सिर्फ हिंदुस्तान की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों की सच्ची संवाहक है। हिंदी के बिना हिंदुस्तान की कल्पना ही नहीं की जा सकती।
यह दुनिया की तीसरी स
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बाजार जहां हिंदी और भारतीय भाषाओं में विस्तार पा रहा है वहीं शिक्षा में भारतीय भाषाएं सिकुड़ती जा रही हैं. अब माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाएं उपेक्षणीय हो गई हैं.
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रघुवर दास को नहीं बदला गया और चुनाव में पार्टी सत्ता से विपक्ष में चली गई. झारखंड में लगभग 25 सीटें भाजपा अपनी ही पार्टी के विद्रोहियों के कारण हारी.
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संयुक्त राष्ट्र में भी दोनों देशों के प्रवक्ता एक-दूसरे का विरोध करने से बाज नहीं आते। अमेरिका को डर है कि चीन उसे विश्व-बाजार में कहीं मात न दे दे। उसका सस्ता और सुलभ माल उसे अमेरिका के मुकाबले बड़ा विश्व-व्यापारी न बना दे।
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क्षमा को वही आत्मसात कर सकता है जिसके भीतर साहस हो, जो वीर हो! किसी से क्षमा मांगने के लिए आंतरिक शक्ति चाहिए और किसी को क्षमा कर देने के लिए उससे भी बड़ी शक्ति चाहिए.
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ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका. इसकी 13 वीं बैठक का अध्यक्ष इस बार भारत है लेकिन ब्रिक्स की इस बैठक में अफगानिस्तान पर वैसी ही लीपा-पोती हुई, जैसी कि सुरक्षा परिषद में हुई थी.
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वैयक्तिक स्वतंत्नता पर अमेरिका के दोहरे विचार का संकेत पेटेंट कानूनों से मिलता है। बीते 5 हजार वर्षो से मनुष्य ने तमाम आविष्कार किए हैं जैसे गाड़ी का गोल पहिया, कांच के बर्तन इत्यादि। बीते 500 वर्षो में मनुष्य ने प्रिंटिंग प्रेस इत्यादि का आविष्कार क
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