मैं जिन पड़ोसी देशों की बात कर रहा हूं, वे किसी समय भारत के ही हिस्से थे, भारत थे लेकिन आजकल वहां के अल्पसंख्यक कौन हैं? पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और मालदीव इस्लामी राष्ट्र हैं। वहां हिंदू, सिख और ईसाई अल्पसंख्यक हैं।
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केंद्र सरकार खनिज रियायतों की मंजूरी की पिछली (नीलामी पूर्व व्यवस्था) प्रणाली से संतुष्ट नहीं थी. केंद्र सरकार का मानना था कि राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर मंजूरी देने वाले प्राधिकरण खनिज रियायतें देने में पारदर्शी नहीं हैं.
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अमित शाह ने लंबे इंतजार के बाद अपने एक भाषण में स्पष्ट रूप से कह दिया कि अगर 2024 में मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है तो उसका रास्ता योगी को मुख्यमंत्री बनाकर ही साफ हो सकता है.
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हम सब मानवता के एक समान धागे से बंधे हुए हैं। खुले दिल और दिमाग से सोचने पर दिखेगा कि हम सबमें विसंगति की तुलना में समानता ज्यादा है। इसलिए विसंगति की बजाय समानता पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है।
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पाकिस्तान की मदद के बिना तालिबान जिंदा ही नहीं रह सकते थे। काबुल पर उनका कब्जा होते ही पाकिस्तान ने अपने गुप्तचर प्रमुख और विदेश मंत्नी को काबुल भेजा था।
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आयुर्वेद दुनिया की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है और इसका प्रादुर्भाव भारत में ही हुआ था. पर यह आज बहुत पिछड़ा हुआ है. हम अपने प्राचीन ज्ञान से ही संतुष्ट हैं और उसकी डींगें हांकते रहते हैं लेकिन उसमें कोई नया अनुसंधान और विकास नहीं करते हैं.
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विपक्षी पार्टियां भाजपा को हटाना चाहती हैं और आपस में लड़ने का अवसर भी गंवाना नहीं चाहतीं. वर्तमान राजनीति में ऐसा कोई स्वीकार्य शिखर पुरुष नहीं है, जो विपक्ष को एक साथ लाने की जिम्मेदारी उठा सके.
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मोदी सरकार ने शिक्षा मंत्नी की जगह ‘मानव संसाधन मंत्नी’ शब्द बदल दिया, यह तो अच्छा किया लेकिन क्या हमारे शिक्षा मंत्रियों और अफसरों को पता है कि विश्व गुरु होने का अर्थ क्या है?
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800 वर्ष से अजमेर शरीफ में मानवजाति की सेवा की जा रही है। एकता, मानवता व शांति का संदेश दिया जाता है। यह संदेश भारत पहले से ही देता आया है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक जितने भी गुरुद्वारे हैं, वहां फरीदवाणी का पाठ होता है।
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