महाराष्ट्र में राज ठाकरे जिस तरह लाउडस्पीकर का मुद्दा उठाया, उसे भाजपा की ओर से मौन समर्थन मिल रहा है. राज ठाकरे के पर्दे के पीछे के दोस्तों ने भी औरंगाबाद रैली को बड़े पैमाने पर सफल बनाने के लिए भीड़ भेजी थी.
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अगर पुतिन की यह रणनीति सफल हो जाती है तो रूस के प्रभाव की परिधियां बैरेंट्स सागर से लेकर आर्कटिक महासागर तक विस्तृत हो जाएंगी जिसमें पूर्वी यूरोप, दक्षिणी कॉकेशस, यूरेशिया, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका का हिस्सा भी शामिल होगा।
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अफस्पा को अंग्रेजों ने अगस्त 1942 में लागू किया था. उस समय भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन चरम पर था और अंग्रेज द्वितीय विश्व युद्ध की चुनौतियों से भी परेशान थे. आजादी के बाद सितंबर 1958 में संसद में भी इसे पारित किया गया.
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हमदर्दी, त्याग व समर्पण इंसान को अंदर से बहुत मजबूत बनाते हैं. इनके सहारे हम अपने भीतर के शैतान को परास्त करने के साथ समाज के नासूरों से भी निपट सकते हैं. हमारा यही ध्येय है कि इंसानियत, हमदर्दी व मानव मात्र की गमख्वारी यानी दुख-दर्द बांटने की कोशिशो
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यदि भारत और यूरोपीय देशों का राजनीतिक और सामरिक सहयोग बढ़ेगा तो उसका एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि अमेरिका और चीन की प्रतिद्वंद्विता में भारत को किसी एक महाशक्ति या गुट के साथ नत्थी नहीं होना पड़ेगा।
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पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है? मोटे तौर पर देखें तो पेट्रोल-डीजल पर औसतन 46 प्रतिशत तक टैक्स होता है. एक देश में एक टैक्स प्रणाली होनी चाहिए. केंद्र और राज्य मिलाकर जितना भी टैक्स लेना है एक बार ले लें.
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक बार कहा था, “सभी को समय से न्याय मिले, न्याय व्यवस्था कम खर्चीली हो, समान्य आदमी की समझ में आने वाली भाषा में निर्णय लेने की व्यवस्था हो और खासकर महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय मिले, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।”
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बलूच लोग पाकिस्तान में नहीं रहना चाहते हैं। वे अपना अलग राष्ट्र बनाना चाहते हैं। कई बलूच नेताओं ने मुझे कराची, इस्लामाबाद और पेशावर में हुई भेंटों में बताया कि वे पाकिस्तान में कभी मिलना ही नहीं चाहते थे।
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1997 में ही सबसे मजबूत और संगठित नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन - आइसाक मुइवा आईएम गुट) से केंद्र का संघर्ष विराम समझौता हुआ और अभी तक वार्ताओें के सारे दौर बेनतीजा साबित हुए.
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